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तनाव मुक्त जीवन! जानिए, “तनाव से मुक्त होने का सहज उपाय”। - Samadhan-B.K. OP Tiwari

तनाव मुक्त जीवन! जानिए, “तनाव से मुक्त होने का सहज उपाय”।

तनाव मुक्त जीवन जानिए तनाव से मुक्त होने का सहज उपाय।

तनाव मुक्त जीवन जानिए तनाव से मुक्त होने का सहज उपाय।

नमस्कार दोस्तों!

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव एक आम बात हो गई है। काम का बोझ, पारिवारिक जिम्मेदारियां, और सामाजिक दबाव हमें तनावग्रस्त कर देते हैं।

तनाव हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

इसलिए, तनाव से मुक्त रहना बहुत जरूरी है।

लेकिन तनाव से मुक्त कैसे रहा जाए?


चिंता न करें, आज हम आपको कुछ ऐसे सहज उपाय बताएंगे जिनसे आप तनाव से मुक्ति पा सकते हैं:

  1. स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं:
    पौष्टिक भोजन खाएं: जंक फूड और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों से बचें। ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज और कम वसा वाले डेयरी उत्पादों का सेवन करें।
    नियमित रूप से व्यायाम करें: हर दिन कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें। चलना, दौड़ना, तैरना, या योग करना तनाव कम करने के लिए बहुत अच्छा है।
    पर्याप्त नींद लें: प्रति रात 7-eight घंटे की नींद जरूरी है। नींद की कमी से तनाव और चिंता बढ़ सकती है।
  2. तनाव कम करने की तकनीकों का अभ्यास करें:
    गहरी सांस लें: जब आप तनावग्रस्त हों तो धीमी और गहरी सांसें लें। यह आपके शरीर और मन को शांत करने में मदद करेगा।
    ध्यान करें: नियमित रूप से ध्यान करने से तनाव कम होता है और एकाग्रता बढ़ती है।
    योग करें: योगासन और प्राणायाम तनाव कम करने और मानसिक शांति लाने में बहुत प्रभावी होते हैं।
  3. अपनी भावनाओं को व्यक्त करें:
    अपनी भावनाओं को दबाएं नहीं: अपनी भावनाओं को दोस्तों, परिवार या किसी मनोवैज्ञानिक से साझा करें।
    अपनी भावनाओं को लिखें: एक डायरी में लिखने से आपको अपनी भावनाओं को समझने और उनसे निपटने में मदद मिलेगी।
  4. सकारात्मक सोच रखें:
    नकारात्मक विचारों से दूर रहें: नकारात्मक विचार तनाव को बढ़ाते हैं। सकारात्मक सोच अपनाने का प्रयास करें।
    कृतज्ञता व्यक्त करें: अपने जीवन में जो कुछ भी अच्छा है उसके लिए कृतज्ञ रहें। कृतज्ञता का भाव तनाव कम करने में मदद करता है।
  5. मदद मांगने से न डरें:
    अगर आपको लगता है कि आप अकेले तनाव का सामना नहीं कर सकते हैं, तो मदद मांगने से न डरें। आप किसी दोस्त, परिवार के सदस्य, मनोवैज्ञानिक या डॉक्टर से बात कर सकते हैं।
    यह भी याद रखें:
    तनाव जीवन का एक हिस्सा है। इसे पूरी तरह से खत्म करना संभव नहीं है। लेकिन आप इन उपायों का उपयोग करके तनाव को कम कर सकते हैं और एक स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी सकते हैं।
    धैर्य रखें: तनाव से मुक्ति पाने में समय लग सकता है। हमें हार नहीं माननी चाहिए और लगातार प्रयास करते रहना चाहिए।
    आशा है कि यह ब्लॉग आपको तनाव से मुक्त जीवन जीने में मदद करेगा।
    शुभकामनाएं!
  6. अतिरिक्त टिप्पणियाँ:
    आप अपने आसपास प्रकृति से जुड़कर भी तनाव कम कर सकते हैं। प्रकृति में समय बिताने से मन शांत होता है और तनाव कम होता है।
    आप अपने शौक या रुचि के अनुसार काम करके भी तनाव कम कर सकते हैं।

“ईश्वरीय ज्ञान से पाएं समाधान”

ईश्वरीय विश्व विद्यालय में आपका स्वागत है।

ये केवल व्यख्यान ही नहीं बल्कि ये दिल से निकली आवाज है जो आप के दिल तक जाएगी, क्योंकि ये समरसता, सरलता और उदाहरण से परिपूर्ण हैI अगर आपने पूरा वीडियो एक- एक कर सभी सुन लिया तो आप के दैनिक जीवन और व्यवहार में क्रांतिकारी परिवर्तन जरूर आयेगा। आप सभी से नम्र निवेदन हैं कि ये दिल की आवाज सभी के दिल तक पहुंचने में सहयोग करे जिससे हमारा समाज एक जिम्मेदार और ब्यावहारिक बने और सभी का जीवन धन्य हो।हमारा पूर्ण विश्वास है कि इस दिल की आवाज को आप सभी के दिल तक पहुंचने में सहयोग करेंगे।

🙏आप सभी को सहयोग के लिए धन्यवाद🙏

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प्रतिलिपि

0:30ओ”म शांति ओम शांति [संगीत]

0:44जीवन अथवा चिंता मुक्त जीवन

0:52अथवा ट्रेंस टेंशन फ्री लाइव

1:13तनाव का अर्थ होता है खिंचाव अर्थात जो मां बुद्धि पर किसी दावों के

1:22करण किसी समस्याएं करण खिंचाव होता है ऐसे स्थिति को तनाव कहा जाता है

1:30दूसरा जब जीवन में घाटी

1:36किसी भी समस्या को पड़कर बैठ जाते हैं और बार-बार उसके बड़े में सोचते हैं

1:45तो ऐसी स्थिति को तनाव या चिंता कहा जाता

1:50है तीसरा

1:55जब मां मस्तिष्क पर दबाव पड़ता है परिस्थितियों का

2:02और मां मस्तिष्क उससे अपना बचाव नहीं कर पता

2:16पेंशन माना टीम

2:29तो वहां तनाव की स्थिति ए जाति है की वह 10 बच्चे कौन से

2:38कहां से आप वो 10 बच्चे हैं 10 विकास

2:43कम क्रोध लाभ मो अहंकार गुस्सा दृश्य

2:51दबाव डालते हैं तो कहते हैं भाई हम तो इसमें बड़ा टेंशन में है अर्थात 10 बच्चे

2:58हमारे पास है वो घेर हुए परेशान तीन शब्द है चिंता

3:06चिता और चिंतन तू कहते हैं

3:13की चिंता चिता के समाज होता है

3:22उसका करण यह है की जैसे कोई बहुत ही हर भारत बढ़िया पेड़

3:28है

3:38दीमक ग जाते हैं अर्थात कीड़े ग जाते हैं तो सबसे पहले उसका विकास रुक जाता है

3:46और धीरे-धीरे वह मुरझाने लगता है फिर सुख जाता है

3:55ठीक इसी तरह से जब हमारे अंदर चिंता रूपी

4:01तनाव रूपी कीड़े ग जाते हैं आज आते हैं

4:08तो हमारे अंदर एक हानिकारक केमिकल अर्थात पैदा होता है

4:17वह विभिन्न तरह की बीमारियां पैदा करता है

4:35और हम बीमा हो जाते हैं और धीरे-धीरे

4:52ऐसा तो कोई नहीं है जिसके पास कोई समस्या ही नहीं हो जीवन है तो समस्या है

5:00जैसे जब बच्चा गर्भ में राहत है

5:05तो उसको जन्म लेने की समस्या जन्म लेट है तो कोई पढ़ाई लिखी

5:14मैं नंबर अधिक लाने की समस्या है

5:21तो जब की समस्या जाम मिल जाता है तो फिर शादी की समस्या

5:27शादी हो जाति है क्योंकि बच्चों की पैदा करने की समस्या बच्चे हो जाते हैं तो फिर

5:33उनको लाल और पढ़ाई लिखी की समस्या फिर बेल होते हैं तो उनके शादी विवाह की समस्या तब

5:41तक ए जाता है [संगीत]

5:50अर्थात जन्म से मरण तक समस्या ही तो हैं

5:55लेकिन समस्याएं ए गई

6:05उच्चता पर चले जाते हैं और जो चिंतन करते हैं चिंतन माना क्या यह कैसे हो गया

6:14कैसे हो जाएंगे कैसे हुआ भाई नहीं होना चाहिए था

6:19ऐसे होना चाहिए लेकिन कैसे हो

6:24अर्थात उसका समाधान क्या है निराकरण क्या है इस बड़े में जो

6:30उसको चिंतन कहा जाता है वो स्थिति चिंतन की तो चिंतन करते हैं उसे

6:37समस्याओं से निपट लेते हैं और चिंता करते हैं चिंता करते हैं उनको समस्याएं निपटा

6:43देती

6:51नहीं थे की चिंता क्या होती है

6:56तनाव क्या होता है टेंशन क्या होता है

7:04[संगीत]

7:12और आज हम जिंदगी

7:18[संगीत] के करण

7:32जैसे हमारी क्षमता नहीं लेकिन दूसरे के देखा अच्छी उन्होंने अपने बच्चे के साथ ही

7:38में 10 लाख खर्च किया हम उसे कम है क्या और कैट नहीं है

7:45उससे अधिक हम खर्च करके दिखाएं किसको दिखाएंगे

7:50लेकिन कृत्रिम आडंबर जो हम हैं वो नहीं

7:56दिखाई जो नहीं है उसको दिखाने की कोशिश करते हैं जिसे हम चुनाव में ए जाते हैं

8:01चिता में ए जाते हैं [संगीत] जैसे एक बार एक आदमी थे

8:08वो अपने घर में तरह-तरह के फूल पौधे पकटिया सजा हुए थे

8:16और रोज इसमें पानी देते थे सुबह सुबह एक दिन उनके घर एक रिश्तेदार ए जाए

8:33[संगीत]

8:40की मैं पानी रोज इसलिए देता हूं की पड़ोसी ये जान की प्लास्टिक नहीं है ओरिजिनल फूल

8:48पौधे हैं दिखाने के लिए अब बताइए सुबह सुबह मेहनत करते हैं लोगों को दिखाने के लिए यह

8:55ओरिजिनल है तो ओरिजिनल लगा लेते

9:01और प्लास्टिक लगाया है तो फिर पानी देने क्या जरूर है लेकिन दिखावटी बात हमें

9:07परेशान अब टेंशन है ना भाई की सुबह उठाना है पानी देना है इसलिए पानी देंगे भाई लोग

9:13बढ़ेगाते यार बहुत से लोग

9:20दिखाओ

9:26कर्ज ले लेते दूसरों

9:37[संगीत]

9:52अगर कर्ज लेते हैं या देती भी हैं तो चिंता होगा तन होगा यह ग्रांटेड है इसलिए

9:59एन किसी को कर्ज दें

10:04आमदनी घाट गई खर्चा घाट दे आमदनी बाढ़ गई तभी खर्चा एन बनाए क्योंकि जो बचेगा वो

10:14बैलेंस रहेगा और हमारे कम आएगा किसी स्थिति

10:20अब यहां प्रश्न ये है की भाई कोई हमारा परिचित है हम जानते हैं और वो विषम स्थिति

10:29में गुर्जर रहा है कोई बीमारी ए गई

10:35तो क्या उसकी मदद नहीं करनी चाहिए करनी चाहिए

10:45[संगीत]

10:54होगी

10:59[संगीत] तो कैसे मदद

11:08तो मदद करना है तो कल के रूप में नहीं सहायता ने

11:16सहायता के रूप में दे और भूल जाना अगर वह लोटा देते हैं

11:23अच्छी बात है भाई क्योंकि हमने तो जमा कर दिया उनके पास

11:31अब यह उनकी समस्याएं क्यों कैसे लोटा था लौटना तो पड़ेगा ही कर्म की कोई गति है

11:37तो पड़ेगा अब कैसे लौटेंगे आज लोट आएंगे कल लोट आएंगे हंस के लौटेंगे के रूप के

11:43लौटेंगे इसलिए

11:49सहयोग करें अनुदान ने और भूल जैन

12:04और कहा की भाई हम दे देंगे

12:13किसी और को देना था तू कहां के रे भाई

12:19हमको कुछ पैसे देने हैं कल अगर तुम लोटा देते तो हम उसको दे देते कहा

12:26की ठीक है लोटा देंगे कल सैलरी मिलेगी हम आपको पैसा लोटा देंगे

12:34[संगीत] और सैलरी मिली नहीं कोई करण ए गया

12:45है सैलरी मिली नहीं कहां से देंगे ना खाना अच्छा लगता है ना पानी अच्छा लगता

12:52है दबाव में है टेंशन में है चिंता में ग गई चिंता

12:58तो नींद नहीं ए रही है

13:12हम तुमको कल पैसा नहीं दे पाएंगे

13:25[संगीत]

13:40आमतौर पर कहते हैं की भाई हम क्या करें

13:48हम गरीब हैं

13:54अभाव है तो गरीब कौन है जो अभाव के प्रभाव में ए जाते हैं

14:03वो गरीब समझते हैं और जो अभाव के प्रभाव से मुक्त रहते हैं

14:11वो गरीबी महसूस नहीं करती

14:16की दुनिया में किसके पास नहीं है भाई ऐसा दुनिया में कोई एक भी बता दे की भाई

14:23हम गम संपन्न है संपूर्ण है

14:32की भगवान [संगीत]

14:39है

14:53अगर धन है स्वास्थ्य भी है तो जान का भाव इनके पास कोई संतान है नहीं

14:59अगर संतान भी है वो लाइक नहीं है उसका भाव है अगर वह भी है

15:06तो लड़ाई है झगड़ा है मुकदमा है इधर बंटवारा उधर उसमें उसका वो भाव है उनके

15:12पास शांति का भाव है अब हाउस सबको है तो हम ऐसे नहीं का सकते की हम भाई गरीब हैं

15:20क्योंकि अभाव तक कोई सीमा नहीं है कम से कम हमारे पास रहने के लिए जगह है

15:29अपने के लिए कपड़े भी जाते हैं भजन मिल जाता है कम है क्या

15:40जैसे एक आदमी था उसके पास जूता नहीं था

15:51की हमारे पास जूते के लिए पैसे नहीं है

16:02एक आदमी जिसके पास पैर ही नहीं था

16:07अब उसकी चिंता वहीं से समाप्त हो गई उसने परमात्मा को धन्यवाद दिया की है

16:14प्रभु हमारे पास जूते नहीं है फिर भी ए जाएंगे इसके पास तो पहले नहीं है

16:27इसलिए हम दूसरे को देखते हैं तो उसे अपनी तुलना करते हैं और तनाव में ए जाता है

16:34और किसी की पांच मंजिल बिल्डिंग को देखेंगे तो गार्डन

16:40टेढ़ी करनी पड़ेगी ऐसे में जो गार्डन में भी दर्द होगा और दिन में भी दर्द होगा हम

16:46उसकी पांच मंजिल मिलने को क्यों देखें

16:57तुलना करने लगता हैं इसलिए हर स्थिति में परमात्मा को उनको

17:05धन्यवाद [संगीत]

17:17उनके पास संपत्ति के नाम पर एक अल्युमिनियम की थाली एक अल्मुनियम का

17:24गिलास और दो लोगों की ये इनके पास संपत्ति थी

17:31एक पेड़ के नीचे चबूतरा था इस पर सोते थे और वहीं रहते थे और सुबह उठाते एक

17:37परमात्मा को धन्यवाद करते थे है प्रभु आपकी अनुकंपा हमारे ऊपर बहुत है

17:44इस रास्ते से एक अमीर आदमी गुजराती थे आते-जाते देखते थे

17:51पागल है क्या अरे इसके पास तो कुछ नहीं है और परमात्मा

17:56को धन्यवाद कर रहा है की आपकी अनुकंपा हमारे ऊपर है

18:02आपको पर हमारी अनुकंपा है

18:10की क्यों ऐसा करता है तो एक दिन सुबह-सुबह थोड़ी दूरी पर कुर्सी

18:17लगाकर बैठ जाए [संगीत] उठाते ही परमात्मा को धन्यवाद

18:29भजन कीर्तन करने लगे याद करने लगे परमात्मा को धीरे-धीरे बाराबंकी

18:35भजन तो दूर नाश्ता भी नहीं आया तब उनको ना की अब ये आदमी

18:42परमात्मा को धन्यवाद को करेगा ही नहीं पहुंचेगी

19:07है

19:25[संगीत] की आपने आज हमको उपवास रहने की व्यवस्था

19:33कर दिया

19:40यह जब सुना उसे आदमी ने समझ लिया की पागल नहीं है तो बहुत पहुंच हुआ सांसद भाई

19:47जो किसी भी स्थिति में घबराता नहीं है और परमात्मा का एहसानमंद है वो तो बहुत बड़ा

19:54संत है और तब घूमने जाकर उनको प्राण किया और वो चले गए अपने घर ऐसी

20:03स्थिति ऐसी स्थिति में जो परमात्मा को धन्यवाद करते हैं और हम थोड़ी सी कमी हो

20:09गई फेल

20:15हमारी एक एक बार धूप में थोड़ी सी में हम लोग चिंता ग्रस्त हो जाते

20:23हैं थोड़ी सी बात

20:29मंदिर के सामने

20:43मिलेगा

20:54तो कहा की देखो भैया 12 से 1:00 बजे तक हमारे विश्राम करने का

21:00समय होता है और इसलिए मैं इसमें अपनी दुकान बैंड राहत हूं

21:06अगर दुकान खली रहेगी कोई रहेगा एक सिक्का दाल लगा हमारी नींद भांग हो जाएगी

21:12वो भिखारी था कुछ नहीं था फिर भी उसने एक दिन चली थी एक सिद्धांत था एक नियम था

21:19की भाई हम अपने दुकान बैंड रखेंगे और हम भारत पूरा है अगर हमको उम्मीद है की

21:27ग्राहक कभी भी ए सकते हैं तो हम किस दुकान बैंड ही नहीं करेंगे

22:01[संगीत]

22:16मुंह है मस्ती इसलिए मस्त रहे और खुश रहे

22:24दुनिया रहे बस्ती में हम तो अपने मस्ती में

22:29अब ऐसा क्यों कहा क्योंकि कहते हैं की खुला दिमाग

22:36भगवान का होता है परमात्मा का होता है क्योंकि दिमाग खुला रहेगा सच्चाई सफाई

22:41रहेगी तो उनकी करने हमारे अंदर प्रवाहित होती रहेगी और खाली दिमाग शैतान का होता है

22:49इसलिए कहते हैं की एम्टी मन इस डी हाउस ऑफ घोस्ट अर्थात खाली दिमाग भूतों का गया होता है

22:59जब हम खाली दिमाग राहत है तो इधर उधर की बातें आई है

23:04और जो व्यस्त रहेंगे तो मस्त रहेंगे और तनाव मुक्त रहेंगे

23:28है तो उसके कर करण पहले करण हमारे आत्मबल की कमजोरी

23:36हमारे पास नहीं राहत है तुम जल्दी चिंता व्यस्त हो जाते हैं दूसरा नेगेटिव

23:55और चौथ कृष्णा और लवासा की भूलता माना अधिकता

24:01यह हमें चिंता के चक्रव्यू से बाहर निकालने ही नहीं देती है

24:26[संगीत]

24:46अब प्रश्न यह है की भाई हम ऐसा क्या करें

24:53इस चक्रव्यूह से बाहर निकाल जैन और हमारा जीवन चिंता मुक्त तनाव मुक्त आउट

25:10दूसरा है सोच को सकारात्मक करें पॉजिटिव

25:21[संगीत] अर्थात परमात्मा ने जो नियम बनाए हैं

25:27और चौथ है वर्तमान में जिए

25:55जब शरीर कमजोर हो जाता है क्या

26:11यह मां बुद्धि

26:22आहार क्या है वो है

26:30तो जैसे हमें कोई वायरस इंफेक्शन हो जाता है

26:41तो हम डॉक्टर के पास जाते तो डॉक्टर पहले तो एंटीबायोटिक गली देंगे

26:52चलो बैक्टीरिया

27:04[संगीत]

27:15अब प्रश्न यह है की भाई आत्मा को बढ़ाने के लिए बाल बढ़ाने के लिए ताकत बढ़ाने के

27:20लिए कौन सा एंटीबायोटिक और कौन सा मल्टीविटामिन है जिसे हमारा आत्महत बढ़ेगा

27:30तो उसके लिए घाट क्यों

27:35क्योंकि सुबह उठाते ही हमारे दिनचर्या सुबह से आरंभ होती है सुबह उठाते क्या

27:40करते हैं न्यूज़ पेपर समाचार पत्र पढ़ने हैं अखबार पढ़ने हैं अब अखबार में क्या होता है

27:48दुनिया

27:54छाप पद गया है अंदर

28:02किसी से बात कीजिए

28:20फिर दिन भर ग गए कम धंधे में वहां भी वही नेगेटिव की साड़ी दुनिया ही रावण का राज्य

28:25है तो नेगेटिव की ही है कहानी भी जाएंगे वही बात कहीं राजनीति की बात कहानी ऐसी

28:32बातें रहती हैं हमारी कम की बातें नहीं करती है और वो हमारे आत्मा को कमजोर करती

28:39हैं जिसे मां बुद्धि की ताकत घटती तो क्या करें

28:47तो इसके लिए घर आए

28:54खाना खाना लगे टीवी चालू कर दी टीवी में क्या आता है समाचार

29:08[संगीत]

29:24[संगीत]

29:34तो अब हम क्या करें इसको चेंज करें कैसे

29:41की सुबह उठाते ही सुबह होते ही माना तीन से कर बजे के बीच

29:48अब कई लोग कहते हैं [संगीत]

29:55करने वालों के लिए बहुत कम है और नहीं करने वालों में कुछ नहीं

30:02जो करना चाहते हैं कम कमी है और वो कुछ कर रहा ही नहीं उनके पास क्या

30:08कम है तो ठीक है उठाते ही परमात्मा को याद करें

30:14उनको गुड मॉर्निंग करें और उनको धन्यवाद दें की है प्रभु आपकी छत्रछाया हमारे ऊपर

30:20है आप हमारे रक्षक हैं आप हमारे सहयोगी हैं

30:27हमसे बातें करें

30:37[संगीत]

30:47दिन भर कम करके घर आए प्रेम से भजन करें तो भजन ही करें उसमें

30:54टीवी देख अगर कुछ चाहते हैं तो फिर भजन

31:02लगा ले बढ़िया सुन उससे क्या होगा आत्मा [संगीत]

31:10गहरी नींद आएगी स्वप्न नहीं आएंगे और सुबह हमारी नींद

31:16तीन-चार बजे की करीब स्वाभाविक रूप से खुला जाएगी अलसी नहीं रहेगा फुर्ती रहेगी और हमारा

31:24दिन वहां से शुरू होगा तो ऐसे ही तरह मुक्त हो जाएगी

31:34[संगीत] 6 साल की उम्र थी वो अपने पिता के गॉड में

31:41बैठे हुए थे तब तक उनकी सोते ही मार गई

31:52है

32:04मैं ऐसा पुरुषार्थ करूंगा की मैं सर्व शक्तिमान परम पिता परमात्मा की गॉड में

32:12और वही हुआ घर छोड़कर चले गए 6 साल की उम्र में तपस्या किया और आपने आत्म बल्कि

32:22द्वारा उन्हें प्रमाण पत्र किया उनका स्थानीय प्राप्त किया उनकी छत्रछाया

32:28प्राप्त की और उनके गॉड में साली तू

32:34यहां मलका ही प्रभाव है आजकल की बातें सब जानते हैं उसकी चर्चा हम नहीं

32:41करेंगे क्या होना चाहिए

33:09[संगीत]

33:19उसे लड़कियों को बड़ा नहीं लगा आज के किसी लड़के से का दीजिए

33:34तुम्हारा ही है

33:41आप सुबह होते ही माता पिता के चरण स्पर्श किया आशीर्वाद दिया घर से निकाल गया

33:48अपने दोस्ती कर गया है वहां बातें बताई दोस्त भी वैसा ही लायक था कहा की उन्होंने

33:56चाहिए हम लोग अभी तक तो समय व्यस्त हो उन दोनों ने मिलकर के

34:05शुरू किया कम और मेहनत और ईमानदारी के बाल पर

34:13रियल स्टेट में उन्हें अपना एक कर लिया

34:21मकान ले लिया गाड़ी ले लिया भौतिक संसाधन के समाज ले लिया तब वो अपने माता पिता के

34:29पास गया

34:34कौन माता पिता अपने बच्चे को मृत्यु देखकर नहीं खुश होगा तब उसने कहा की पिताजी अब

34:42आप लोग चलिए नए घर में नहीं और लेकर चला गया अपने साथ रहने के लिए कहा

34:49की आप हमारे साथ रहेंगे और बढ़ेगा और मैं अपने

34:56जीवन में और उन्नति प्राप्त करो

35:03इसके बाद नंबर आता है नेगेटिव सोच पॉजिटिव

35:51नहीं है इससे क्या होगा

35:57टेंशन हो गया चिंता हो गई

36:05मीटिंग चल रही हो तो मिट्टी में तो मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया जाता है

36:14मार्केट चले गए होंगे कोई समाज लेना होगा बच्चा स्कूल गया है हो सकता है एक्स्ट्रा

36:20क्लास चल रहा हूं किसी अपने दोस्त के साथ चल गया हो कोई खेल देख रहा हो ए ही रहा होगा चिंता होगी नहीं

36:29होगी क्योंकि हमारा सोच सकारात्मक हो गया थोड़ा सा परिवर्तन हुआ

36:57आज ने हमारा रक्षा कर दिया

37:02आपकी वजह से घटना तो घटना की हमारे केवल पर की अंगुली कटी हंसिया अगर गार्डन पर

37:10गिर जाति तो आज हमारा गार्डन नहीं कट जाता है की आप हमारी रक्षा करते हैं

37:17पॉजिटिव सोच विपरीत में क्या होगा हम सब जानते हैं की

37:22चर्चा करने की जरूर नहीं इस तरह से

37:29एक आदमी साहित्य से जा रहा था रास्ते में साइकिल का भिड़ंत हो गया

37:34कपड़े फैट उसने कहा की हमारी कितनी रक्षा की

37:42आपने हमको बच्चा लिया पागल हो क्या

38:05और परमात्मा के पेड़ में साइकिल पर

38:10एक्सीडेंट होता क्या होता है

38:19तो हम तनाव से चिंता से मुक्त रहेंगे

38:37की जो कुछ भी होता है वो पुरुष से सुनियोजित होता है हम जानते नहीं है तो

38:43प्रश्न में लगता हैं और वो सुनिए क्यों होता है वो हमारे कर्मों के आधार पर होता है

38:52इसलिए कहा जाता है विधाता का विधान यह विधाता का नियम है की जैसा कर्म करोगे

38:58उसका फल आज या कल या अगले जन्म में मिलन ही मिलन है

39:10[संगीत]

39:16[संगीत]

39:25तो जब वही हो रहा है इसलिए कहते हैं की चिंता ता की कीजिए यूं अनहोनी हुए

39:31उन्होंने कहा हो रहा है तो हनी हो रहा है ये होना था हुआ अब उसके पीछे हम अपना दिमाग क्यों खराब

39:37करें भाई क्यों तनाव ग्रसित हो चिंता ग्रसित तो हो इसलिए

39:42उसके लिए हमें चिंता नहीं हटाना घाट जाता है

39:50समझे यह अच्छा होगा अच्छे के लिए हुआ हम चिंता

39:56इसलिए करते हैं की हमें मालूम नहीं था की ये घटना क्यों घाट हो सकता है उससे भी

40:03बड़ी कोई घटना घटना वाली हो और इतने इंच हो गए

40:09क्योंकि छोटी घटना जब बड़ी घटना होती है तो

40:16उंगली में [संगीत]

40:23और उसके बाद यह उंगली कट जाए

40:35तुम हमारे पास कोई बड़ा दुर्घटना कोई बड़ा दर्द ना आए

40:42इस छोटे से ही हमारा कम निकाल गया तो परमात्मा को धन्यवाद करना चाहिए ना यह

40:49प्रभु आपने जो बच्चा लिया और जब ये स्मृति में रहेगा की जो हुआ

40:55जो हो रहा है ये अच्छा है जो होगा ये सबसे अच्छा होगा तब तो हम निश्चित रहेंगे

41:02इसी तरह से अकबर बादशाह की उंगली कट रही है एक बार दरबार में सभी दरबार सभी लोग बड़ी संवेदना

41:11व्यक्त बड़ी दुख जाहिर किया है

41:17जब बीरबल की बड़ी है तो कहा की क्यों महाराज जो होता है बच्चा ही होता है

41:49शरीरों का साथ छठ गया

42:03अरे क्यों भाई हमको क्यों ढूंढ रही है जरूर है ना तो उसे दिन उनके

42:10कुलदेवी का पूजन था और नरबलि की प्रथम थी

42:18कहां की हम भूल ही गए थे क्या करते हो क्योंकि ज्यादा थे

42:25नालायक है तो उनके प्राइवेट रेखा का रही थी उसकी जो

42:30उंगली कटी हुई है लेफ्ट हटाओ इसका सॉन्ग भांग है और जिसका आंगन मंगल लता है उसको

42:36बड़ी नहीं दी जाति [संगीत]

42:44है

42:56[संगीत]

43:15वो कुछ जानते थे बहुत बुद्धिमान उन्होंने राज्य में ऐलान कर दिया की जो

43:21आधा धूप और आधा छांव लेकर आएगा खूब साड़ी नाम दिए जाएंगे

43:29यह बात पुरी रात में भर गया की भाई

43:35अकबर बादशाह ने ऐसा ऐलान किया है

43:41तो फेल्ट फेल्ट जहां बीरबल रहते थे जिसके घर में गरीब आदमी था

43:48उसको भी पता बड़ा दुखी हुआ

43:59[संगीत]

44:12लेकर आएगा [संगीत]

44:28बीरबल मुस्कुराए

44:37और जानते हैं

44:52अब बताइए समस्या

45:38गली नहीं भाई हम तुम महाराष्ट्र से मिलकर ही जाएंगे बिना मिले हमें

45:46हेड रक्षक थे उनका क्या बात है भाई उन्होंने कहा की देखिए यह आदमी जिद्द कर

45:54रहा है की हम महाराष्ट्र से मिलेंगे कोई बुलाया बुलावा दिया हो तो गए

46:03तो कहा की महाराज जी के आदमी आया है गरीब सा वो का रहा है की

46:09हम महाराष्ट्र मिलेंगे

47:07इनाम तो तुमको ही मिलेगा लेकिन कब जब सच्चाई बताओगे तब

47:17अन्यथा अगर तुमने मौन धरण किया और झूठ बोले तो इनाम तो मिलेगा ही नहीं सजा

47:22मिलेगी वो आदमी बता दिया की महाराज हमारे घर कुछ मीना से

47:30एक आदमी आदमपुर ठाकरे हुए उन्होंने ये उपाय बताता है वो समझ गया की वो बीरबल ही है कहा की ठीक

47:39है और आदेश दिया किसको इनाम दिया जाए उनके साथ सैनिकों को भेजो की जो विमल को

47:47आकर सहित ले आओ और हमारे तरफ से क्षमा याचना भी कर देना

47:53क्योंकि हो सकता है [संगीत]

48:02भाई

48:19तो वो कैसे तू कहा की देखिए अगर राज्य से बाहर आप नहीं निकलते तो मैं आपके साथ जाता

48:29और आप पकड़ जाते तो हम भी पकड़ जाते हमारा तो बाली चढ़ जाति

48:41है हम भी तो बैक गए इस तरह विधाता के

48:46विधान पर हमें निश्चय होना चाहिए की जो हुआ वो अच्छा हुआ क्योंकि उसके बड़े में

48:54हमको मालूम नहीं है वो तो वही जानते हैं ना की कौन सी बात कैसी होगी कम होगी

49:02इस समय परिवर्तन होता है

49:39किसी के प्रशंसा करने पर

49:46किसी की आलोचना करने पर यह सूत्र है क्यों क्योंकि आलोचना हमको

49:55आगे बढ़नी है

50:04कोई आलोचना हमारी करता है तो उसके विरुद्ध हम क्रोधित ना उबाल ना जाए

50:11क्योंकि वो हमको आगे ही बढ़ाया जाए

50:16समय परिवर्तन होता राहत है जैसे

50:21एक बार एक आदमी के घर चाचा जी आए

50:29बच्चे

50:51[संगीत] अब वो जो खुशी थी 2000 प्रताप की

50:571000 माइंस में चले गए तो इसलिए समय परिवर्तन होगा इसके लिए हमें

51:07चिंता करने की कोई जरूर ही नहीं है अगर हमें विधाता के विधानसभा पर निश्चय हेतु

51:14एक समय था जब भारत में अंग्रेजन का राज्य था

51:23लेकिन समय परिवर्तन

52:06जो प्राप्त है अप पर्याप्त है इसको कभी एन भूले जो प्राप्त है भगवान ने जो दिया है

52:14बहुत दिया है भगवान का हम धन्यवाद करें की प्रभु आपने जो भी दिया है यह हमारे लिए

52:20बहुत ज्यादा है हम तो इतने लाइक भी नहीं है क्योंकि हमें मिलता हूं वही है जिसके

52:26हम लायक होते हैं जो पहले कम कर चुके हैं इस के हिसाब से सुनिश्चित होगा इसलिए हम

52:34दूसरे को ना देखें अपने आप को देखें और वर्तमान में जिन्हें

52:41बहुत से लोग भूत की स्मृतियां को भूल नहीं पाते

52:59क्या बादल सकते हैं

53:15इसलिए भूत को विस्मृति में ले आए और वर्तमान में दिए ठीक है भविष्य का हम

53:23प्रोग्राम बनाएं प्लेन बनाएं लेकिन शंकर कुसंग का क्या होगा कैसे होगा ऐसे होगा

53:29वैसे होगा इसमें एन पढ़ें क्यों की वो भविष्य अंधकार में है हमें नहीं मालूम

53:36इसलिए एक ही फॉर्मूला याद रखें की जो बाईक चुका अच्छा था जो हो रहा है वो अच्छा है

53:43और जो होगा वो सबसे अच्छा होगा इस खुशी में हम रहे तो वर्तमान का जीवन तो हमारा

53:51उसमें होगा चिंता मुक्त होगा उतना मुक्त होगा

53:56हम कई बार परिस्थितियों को

54:02कठिन बना देते हैं

54:14तो उससे हम प्रभावित नहीं होंगे अगर हमारी मां स्थिति ठीक है तो स्थिति ताल जाएगी और

54:23मनुष्य की अगर बिगड़ गई तो स्थिति परेशान करेगी दुखी करेगी चिंता देवी

54:34एक बार एक ऑफिसर थे स्कूल में करने

54:44क्लास में 30 बच्चे थे उन्होंने कहा की देखो बच्चों मैं आप लोगों

54:50से एक सवाल पूछना चाहता हूं

55:01तीन बच्चों ने जवाब दिया फिर इस क्लास के दूसरे वर्ग में गए

55:06क्षेत्र बढ़ता है ना जब बच्चे अधिक हो जाते हैं तो किस-किस का या 40 बना दिया

55:12जाता है तो इस क्लास के दूसरे वन में गए वहां उन्होंने कहा की देखो बच्चों मैं आप लोगों

55:18से एक सवाल पूछना चाहता हूं सवाल बड़ा सहज है

55:27और हमको विश्वास है की आप सब लोग इसका जवाब दे देंगे

55:4230 बच्चे इसमें भी 30 बच्चे उसमें भी थे और सवाल भी एक ही था यहां क्योंकि

55:48उन्होंने कठिनता क्रिएट कर दिया बच्चे हां तो सही तो हो गए

55:55वहां उन्होंने स्थिति को अनुकूल बना दिया बच्चों

56:01[संगीत] होता है

56:06की जब हम अपने द्वारा कठिनता पैदा कर देते

56:12हैं समस्याएं खड़ी बहुत साड़ी समस्याएं जो हम खुद खड़ा करते हैं और उसे परेशान हो

56:18जाते हैं जैसे

56:24आजकल क्रिकेट का मैच के बाद

56:33भारत और पाकिस्तान का क्रिकेट मैच

56:39फाइनल मैच

56:45[संगीत]

56:54लेकिन इस में दो लोगों को हॉट अटैक ए गया पता चला की भाई हार्ट अटैक तुम क्यों लाया

57:01यह तो खुशी ही बात है ना अपना दिल जीता है 12 जीता मैंने हम जीते तो पता चला की इन लोगों को उम्मीद रही थी

57:09की भारत जीतेगा क्योंकि इनके उम्मीद के विरुद्ध जल्द आया तो इन लोगों को हटाकर ए गया

57:17तो बहुत साड़ी बटन में हम क्रिएट कर देते हैं अरे भाई ठीक है आप उम्मीद नहीं थी

57:23आपकी गेसिंग गलत हो गया जीते तो आपका ही ना है फिर भी

57:30तो ये हार्ट की बीमारी चिंता पहले हम लोग चर्चा कर चुके हैं

57:45तो इस तरह से

58:041 करोड़ की लॉटरी निकाल गई अब परिवार वालों के पास समस्या थी की अगर

58:11इनको बता दिया जाए की आपकी एक करोड़ की लाडली कहानी है के रोगी है फेल ना हो जाए

58:16क्योंकि हर तो प्रभावित सुख में भी होता है तो दुख में भी होता है अगर वो झटका से ए गया तो

58:23दुख भी अगर कोई झटका से ए जाए और सुख भी अगर झटका से ए जाए संभल नहीं

58:29पाते स्थिति को तो हॉट अटैक हो जाता है किया

58:36इनको डॉक्टर को पहले बता दिया जाए कोई इलाज कर रहे हैं कोई युक्ति सिंह को बता देंगे धीरे-धीरे

59:20[संगीत] फिर डॉक्टर का क्या था 10 लाख की लगे तो

59:26बजट थोड़ा और बड़ा दिया

59:33अब उनको लगा के डॉक्टर हमसे मजाक कर रहा है हम कुछ चिड़ा रहा है

59:43लॉटरी लगी है थोड़ा सा चीरने लगा हुआ है

59:49फिर भी वो डॉक्टर थे अब डॉक्टर इलाज जो कर है उनका उनको नाराज कैसे करेंगे

59:55फिर अपना थोड़ा बजट बड़ा दिया वो भी खरीद लेंगे वो भी कर लेंगे

1:00:30तो मैं आधा आपको दे दूंगा

1:00:40क्योंकि सोच ही नहीं था की हमको ₹50 लाख मिलने वाला है

1:00:46स्थिति के लिए तैयार नहीं थे तो उनको हार्ट अटैक

1:00:54करने के लिए हमको पहले से तैयार रहना पड़ेगा तो हम चिंता मुक्त रहेंगे

1:01:04लेकिन यह चिंता और तनाव का मुख्य करण क्या है हम

1:01:10लोग मुख्य करण क्या है आमतौर पर

1:01:16हम उम्मीद पाल लेते हैं

1:01:23क्योंकि इस बात की हमें ज्ञान नहीं राहत की जो हमारा है

1:01:33और जो चला गया

1:01:59पति ने समझाया कहा की तुमको नहीं मालूम तुम चुप रहो हमको घाट ग गई 10 वाक्य

1:02:10शाम होने को आया पत्नी ने सो बार समझाया उसकी बातें ही नहीं सुन रहे थे

1:02:19पड़ोसियों को लगा की भाई सेठ जी तो बड़े अच्छे आदमी थे इनको कौन सा घाट अलग गया धनवान है गोसिल ग गया तो बहुत अलग है

1:02:26इसमें क्या बात है उनकी पत्नी से की बहन की क्या बात है

1:02:33सिट्स बड़े दुखी सूरज सुबह से ही चिल्ला रहे हैं अरे पूछिए मत भाई साहब पत्नी ने कहा

1:02:40ये कांटेक्ट लिए थे और उनको उम्मीद राखी की 30 लाख का फायदा होगा लेकिन फायदा हुआ

1:02:54ना

1:03:02तो ऐसा सिचुएशन कर देते हैं कोई कम करते हैं उसे पर हम उम्मीद रख देते हैं यह होगा

1:03:10वह होगा नहीं होता है

1:03:18इसीलिए गीता ने कहा गीता में कहा गया है

1:03:25[संगीत] कर्म फल हेतु भूमि तेज संग करनी

1:03:34है कहा की कर्म करो क्योंकि तुम्हारा कर्म

1:03:40में अधिकार है हॉकी चिंता ना करो क्योंकि फल में तुम्हारा अधिकार नहीं है फालतू परमात्मा

1:03:46देते हैं ऐसा गीता ने कहा लेकिन अगर

1:03:55प्रैक्टिकल थोड़ा सा यह कम करना है तो पहले प्रश्न होगा मिलेगा क्या

1:04:12हमारा अनुभव गलत है या दोनों गलत है या दोनों सही है

1:04:24वह गलत कैसे का सकते हैं

1:04:32कोई फल के बिना कम करने के लिए तैयार नहीं है वही सही है अर्थात यह दोनों बातें सही

1:04:39है और प्रश्न की भी दोनों बातें सही है तो गलत क्या है कुछ ना कुछ तो गलत है तभी तो

1:04:45भी कोई तो है अगर सही होता तो दोनों मैच करते मैच नहीं कर रहा है वो का रहे हैं की कम करो

1:04:52और ये कहना की फल बताओ तो हम कम करेंगे

1:05:02उन्होंने अपने ही गांव की

1:05:07एक आदमी से ₹10000 एडवांस लिए होते कोई जरूर थी

1:05:20भैया एक दिन का कम है कर देना

1:05:51[प्रशंसा] उन्होंने कहा कैसा है की एक दिन का कम

1:05:58हमारा भी है मिलेगा क्या

1:06:04क्या रे भाई तूने अभी कहा की हम मजदूरी की चिंता नहीं रखते हैं कहां हैं कम कर दिया

1:06:10और हमसे कहा की उनकी बात छोड़िए आप अपनी बात की क्यों क्योंकि उनसे ₹10000

1:06:17एडवांस लिया हुआ है मजदूरी कितनी होगी 200 300 अब जहां 10000 रुपए पहले ही से ही

1:06:24उसके पास है उनका और 200 300 बात करेगा

1:06:30इस तरह से हमें देखना है की कम करो फल की चिंता मत

1:06:36करो किसने कहा वाक्य है

1:06:41वो करेगी कम करो फल की चिंता मत करो

1:06:48[संगीत]

1:07:14ऐसे करेंगे तो अगर यह स्मृति है की महावर के सर्व

1:07:20शक्तिमान परमात्मा के हैं तो हमें कुछ नहीं चाहिए क्योंकि उन्होंने एडवांस

1:07:27में इतना दिया है वो वर्तमान में क्या देंगे उसकी कोई गिनती नहीं है अगर हम उनके

1:07:36खाने के अनुसार चलते हैं तो उनके श्रीमद् का पालनपुर करते हैं तो

1:07:44लेकिन लास्ट में हम लोग चल रहे हैं स्टेज लास्ट है कभी-कभी

1:07:51हम लोग ऐसी सिचुएशन क्रिएट कर देते हैं इसका कोई मतलब नहीं

1:07:57जाते

1:08:10की डर से यहां बैठे हुए हैं

1:08:21बताइए हो सकता है कोई आपका सहयोग करें क्यों माता खराब करते

1:08:29समय हमारे दिमाग पर है सुबह से देखो तुम अपना कम करो

1:08:39और दुख बांटने से घटना है अब बताएंगे

1:08:45ठीक है मैं ये सोच कर परेशान हूं की जी दिन पहले

1:08:53आदमी ने दही जमाया होगा वो जोरन कहां से आया होगा

1:09:40बैठे हुए थे ट्रेन आई एक उनका मित्र आया कहा करें भाई आप यहां क्या कर रहे हो

1:09:46अकेले बैठे बैठे अपना कम करो मित्रों

1:10:09तो कहा की मैं सोच रहा हूं सुबह से ही बड़ी चिंता में ही बताओ कोई मरता है

1:10:24यही तो बात है अब मैं यही सोच कर परेशान हूं की जी दिन

1:10:30मारेगा [हंसी]

1:10:42तो यह परेशानी यह चिंताएं हम खुद पैदा कर

1:10:47देते हैं और इस में रहते हैं तकलीफ बनाते हैं दुखी रहते हैं आसन तरीके कुछ अच्छा नहीं लगता

1:10:55इसलिए अगर हम तनाव मुक्त रहना चाहते हैं तो आत्म बाल को बढ़ाएं सकारात्मक सोच करें

1:11:04परमात्मा के विधान

1:11:09वर्तमान में जो भी प्राप्त है वह पर्याप्त है इस बात को हम रखें याद रखें संकल्प

1:11:20इसलिए कहा की जरा मुस्कुरा दे

1:11:25जरा मुस्कुरा दे सोनी से पहले हर गम को भूल दे सोनी से पहले

1:11:33जिसने भी दिल दुखाया उसे माफ कर दें सोनी से पहले प्रभु आपके सारे गलतियां को माफ

1:11:42कर देंगे सुबह उठने से पहले

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