सुख .. जानिए दुःखो से कैसे छुटे ….
नमस्कार दोस्तों!
आज हम बात करेंगे सुख के बारे में, जो जीवन का लक्ष्य और मनुष्य की मूलभूत इच्छा है।
हर कोई सुखी जीवन जीना चाहता है, लेकिन दुःख और समस्याएं जीवन का हिस्सा हैं।
ओ.पी. तिवारी जी अपनी रचनाओं में सुख और दुःख के बीच गहरे संबंध को दर्शाते हैं।
उनके अनुसार, दुःखों से छुटकारा पाकर ही सच्चा सुख प्राप्त किया जा सकता है।
तो, आइए जानते हैं दुःखों से कैसे छुटे और सुख प्राप्त करें:
1. नकारात्मक विचारों से दूर रहें:
नकारात्मक विचार हमारे मन को अंधेरे में रखते हैं और हमें दुःखी बनाते हैं।
सकारात्मक सोच अपनाने का प्रयास करें और हर परिस्थिति में अच्छाई ढूंढने का प्रयास करें।
2. कृतज्ञ रहें:
अपने जीवन में जो कुछ भी अच्छा है उसके लिए कृतज्ञ रहें।
छोटी-छोटी चीजों में भी खुशी ढूंढने की कोशिश करें।
कृतज्ञता का भाव आपको दुःखों से दूर रखने में मदद करेगा।
दूसरों की मदद करने से आपको आत्म-संतुष्टि और खुशी मिलती है।
अपने समय, ऊर्जा और संसाधनों को दूसरों के साथ साझा करें।
यह आपको जीवन में उद्देश्य और अर्थ प्रदान करेगा।
4. क्षमा करें:
अपने आप को और दूसरों को क्षमा करना सीखें।
गुस्सा और नकारात्मकता को अपने अंदर न रखें।
क्षमा आपको दुःखों से मुक्त करने और आगे बढ़ने में मदद करती है।
5. वर्तमान क्षण में जिएं:
अतीत के पछतावे या भविष्य की चिंताओं में न फंसें।
वर्तमान क्षण का आनंद लें और हर पल को जी भरकर जिएं।
यही वह समय है जहां आप सुख का अनुभव कर सकते हैं।
6. अपनी भावनाओं को व्यक्त करें:
अपनी भावनाओं को दबाएं नहीं।
अपनी भावनाओं को दोस्तों, परिवार या किसी मनोवैज्ञानिक से साझा करें।
यह आपको दुःखों का सामना करने और उनसे मुक्त होने में मदद करेगा।
7. स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं:
पौष्टिक भोजन खाएं, नियमित रूप से व्यायाम करें और पर्याप्त नींद लें।
एक स्वस्थ जीवनशैली आपको शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने में मदद करेगी, जिससे आप दुःखों का सामना करने में मजबूत बनेंगे।
8. आध्यात्मिकता का सहारा लें:
आध्यात्मिकता आपको जीवन में शांति और संतुष्टि प्रदान कर सकती है।
ध्यान, योग या प्रार्थना जैसे आध्यात्मिक अभ्यासों का अभ्यास करें।
ओ.पी. तिवारी जी का मानना है
ओ.पी. तिवारी जी का मानना है कि सुख एक यात्रा है, मंजिल नहीं।
जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन दुःखों से सीखकर और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर हम एक खुशहाल और सार्थक जीवन जी सकते हैं।
** याद रखें:**
- दुःख जीवन का एक स्वाभाविक हिस्सा है। इसे पूरी तरह से खत्म करना संभव नहीं है। लेकिन हम इन उपायों का उपयोग करके दुःखों का सामना कर सकते हैं और उनसे उबर सकते हैं।
- खुशी एक विकल्प है। आप हर परिस्थिति में खुशी ढूंढना चुन सकते हैं।
- आपके पास जितना कम होगा, आप उतने ही खुश होंगे। भौतिक चीजों के पीछे न भागें, जीवन के अनुभवों और रिश्तों को महत्व दें।
आशा है कि यह ब्लॉग आपको दुःखों से मुक्त जीवन जीने और सुखी रहने में मार्गदर्शन करेगा।
शुभकामनाएं!
- अपने जुनून का पीछा करें: जो चीजें आपको खुशी देती हैं उन्हें करने के लिए समय निकालें। अपने जुनून का पीछा करने से आपको जीवन में उद्देश्य और अर्थ मिलता है।
- प्रकृति से जुड़ें: प्रकृति में समय बिताने से तनाव कम होता है और मन शांत होता है। प्रकृति की सुंदरता का आनंद लें और उससे जुड़ें।
- अपने आसपास सकारात्मक लोगों को रखें: सकारात्मक लोग आपके दृष्टिकोण को प्रभावित कर सकते हैं और आपको खुश रहने में मदद कर सकते हैं।
- कभी सीखना बंद न करें: नई चीजें सीखने से आपका दिमाग सक्रिय रहता है और आप जीवन में नई संभावनाओं को खोज सकते हैं।
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प्रतिलेख नीचे दिया गया है
Transcript
0:00हुआ है
0:12है और शांति ओम कि आज का
0:19को मारा है अजय को कि आज हम लोग सूखे लिए चर्चा करेंगे तो
0:28कि ऐसे ही सुखी बन जाएं ए ट्रूप समुद्री जीवन में
0:36के दुख और सुख इन दोनों का खेल है
0:42कि आधा सच में हम सुखी जाते हैं है और आधा हुए दुखी रहते हैं
0:51कि यह दुख और सुख दोनों एक ही सिक्के के
0:56दो पहलू हैं है लेकिन दोनों एक दूसरे के विपरीत
1:03[संगीत] अजय को है और तू खराब है तो उसका रही है है और
1:10सुख है तो दुख में एक ही रहेगा
1:16है तो यह दुख और सुख है कि पुलिस को
1:22समझेंगे हैं जो हमारे कुंड है
1:27[संगीत] उसे सुख मिलता है है और जो हमारे पर्टिकुलर हो जाता है
1:35लुटा मैं जैसी हूं कि गांधी का देव
1:43है और और दुर्गंध हो कि गांव जाना और कहीं से
1:51अगर हम आ रहे हैं मैं तुम्हारे अनुकूल नही
1:58कि गर्मी अलग धूप की तरह न कुंठित महसूस होता है
2:04है लेकिन वहीं अगर आते-आते कोई घने वृक्ष
2:09एगो कि जहां-जहां जाते हैं जहां ठंडी हवाएं
2:14रखती है कि हमारे अनुकूल हो जाती है तुम खेलो करते
2:20हैं है तो यह दुख और सुख का खेल चलता रहता है
2:30का रुख कैसा है मैं इसको समझने के लिए पहले दुख क्या है
2:35इस कुंभ क्यों आ रहा है कि यदि डो तरह का होता है
2:42और एक होता है की तारीख है और यह होता है मानसिक सु
2:50की सारी मिलता है हमारे गुर्जर लोकगीत
2:55कि इस तरह के बाद अगर हम पाप कर्म करते हैं तो इसके परिणाम स्वरूप अनुशासनिक दुख
3:03मिलता है वह बीमार हो जाती है कौन-कौन सी मिलाते हैं
3:09है लेकिन मानसिक सु आ जाना जब हम स्वयं क्रिएट करते हैं उसको
3:16ओपन कर लेते हैं और लेकिन बनाते कैसे हो
3:21है जैसे जो मर्जी कि बच्चा स्कूल गया है हम सोचेंगे बैठे हैं आने में देर हो गई
3:30क्यों डिलीट हो गई थी का रिश्ता किडनैप्ड नहीं होंगे कि रास्ते
3:36में gir तो नहीं गया के लिए बिल्कुल नहीं हो गया
3:41कि इस तरह की बातें सुनते-सुनते जाएंगे क्योंकि लूंगी
3:47है अल्लू अर्जुन की प्रतिज्ञा है आफ थिस लुटी नहीं है फिर भी हम खुद तय तरफ इससे
3:53आने में देर हो गए थे अजय देवगन की लड़ाई झगड़ा नहीं होगा टाइम
3:59कोई दुर्घटना तो नहीं हो गई मैं क्या करूं अब कई किसी दूसरी लड़की की
4:06तरफ गर्म तो नहीं लेकर चले गए यह बात सोच सोच पदक मिल जाती है थोड़ा दुखी मिलाती है
4:13है इसके बदले में अब हम पॉजिटिव संकल्प रखी पत्रात्मक संकल्प रखे हैं
4:21है कि बच्चा होने में देर हो गया हो सकता है एस प्रकाश चंद्र
4:27इस सप्ताह किसी दोस्त के साथ पार्टी में चला गया आप या हो सकता है किसी दोस्त के
4:32घर चला गया है और इसमें कोई चिंता की बात नहीं हुई
4:37पति को आने में देर हो गया हो सकता है आप इसमें कोई काम है आ गया ओवरटाइम कर रहे हो
4:45या रास्ते में कोई पुराना मित्र मिल गया हो बातें कर रहे हो इस पेज दो सकता है लेकिन
4:54ऐसा सूचित नहीं तो क्या होता है कि व्यक्ति यही नहीं कभी-कभी सोचते हैं कि हम
5:02बैठे तो यह मकान क्विज है कि ग्रीस चल रहा है कि ग्र हमारे
5:09पूर्णत है तब क्या होगा कि उनकी मां कम हो गए तो ऐसी बीमारियां गई
5:15तब क्या होता था कि इस तरह की नीति फिर सोचती हम मानसिक
5:24रूप को बुला लेते हैं आव यह प्रश्न यह है कि भाई ने मानसिक तु क्या
5:32साइड आया है है कि से छुटकारा कैसे हैं
5:37कि मानसिक दुख से छुटकारा पाने के लिए हमें पॉजिटिव अर्थात सकारात्मक सोच
5:45रखना चाहिए और मानसिक रूप से हम
5:51जी की पूजा गीत की सामग्री को दूर है तो यह जानना जरूरी है
5:59यह सारी दुख हमारे कर्मों का फल हमेशा किया उसको गए और तू कहे तो भोगना के
6:07द्वारा झाल श्रीमान विजय कोई गलती करते हैं कोई
6:13चोरी करते हैं तो पकड़ तो जाते हैं जिन्हें तथा पाते हैं उस जो बात कि यह
6:19भिक्षु लाते को अच्छी तरह से हमारे गलतियां करता है
6:26के पुत्र के द्वारा उत्तर दिशा की तरफ हुवा कि हमारा जाता रहेगा
6:34है अब आते हैं इस ग्रुप पर MP3 कराना होता है
6:40और एक होता है बारिश और दूसरा होता है अंतरिक्ष
6:46है और दूसरा होता है बहुत ही यह अ ए ब्वॉय शुभ माना बाहरी वातावरण वायुमंडल
6:54द्वारा उक्त अवधि कि शरीर के बीच इंद्रराज युक्त होता है
7:02है और अंतरिक्ष भ्रमण आधुनिक रूप मंत्र के वास्तुदोष मिलता है उसको आर्थिक झाल
7:11है और दूसरा अंधे हैं कि वह सुसाइड कर
7:17मित्रों से परिचय को सुनना शुरू आनंद कहा जाता है वह अंदर
7:23से पड़ता है पांच दुनिया से कोई लेना है के अधीन प्रकार विष्णु कांत
7:30में चर्चा करेंगे हां भाई सुनील क्या होता है
7:36लिए हम चले गए कहीं और हॉट भी घूमने फिरने
7:41वायुमंडल वह आकार अच्छा बना था कि गर्मी के गुणों पाबूजी
7:48ए फ्रेंड जाए तो उससे मित्र के नीति
7:53कि यह विजेंद्र यह मिश्रण उन्हें पीछे दें कि जिंदगी में जान चुके हैं कि पांच
7:59केंद्रों के पांच विषय हैं है तो विशेषज्ञों के द्वारा दरिद्रता होती
8:05है उससे भी MS Word कि जीवन जी का काम शुरू कर चुके हैं कि दो है
8:14रचना और नमक स्वाद के अनुसार इतना
8:19स्वादिष्ट व्यंजन उसको हम लेंगे उसके लिए भोग करेगी कि अ
8:26है मान लीजिए क्योंकि खाने जरूर देखते हैं वैली दिखाते हैं मध्यमवर्गीय उंगली दिखाते हैं लेकिन यहां
8:34तक कि न तो नहीं चाहिए क्या चाहिए अगर शुक्र ही के परांठे हम तो खाने में मजा
8:42आता है थे फेस्टिवल कि आखिर चैनल और यह नहीं और दुनिया हो
8:50इसके साथ पनीर की सब्जियों पहले की सब्जी मुंह वह रेडी सब्जी हो चटनी
8:59पावडर पुलाव को आ रहे नुकसान तंबुओं
9:08को खरीदने कितना खरे खरे और फिर पूर्णिमा दुगना और यह इतना ही
9:14अच्छी रहेगी व्याख्या अनुकूल चावल चाहिए
9:20हुआ था जब चटनी पॉर्ण जाएगी
9:26कि इसका उत्तर क्या हुआ इसका मतलब यह रखिए और उस समय चालू करें
9:32कि इस कुएं कहीं सुन तो है जो प्रमेय कि मुसलमान कभी हुए ही नहीं वह स्थानीय
9:40शुभ है इसे हम शुरू करेंगे और दूसरी तरफ
9:46है मान लीजिए किसी को खुजली हो जाती है कि अ
9:51लेकिन खुजली को खुजाने दो लुटा है वह किसी
9:57बारिश लुट लुटेरा कि अमर सिंह जी की कोई बचा जा रहा है तो
10:07रास्ते में देखा कि चाची प्रणाम कि चार्जेस आशीर्वाद दिया बच्चे खुश रहो
10:13सुखी रहो भगवान तुम को सारे शरीर पर खुश युद्ध
10:19कि पंचायत हम 46 आशीर्वाद तरह की स्थापना करने की
10:24में निकाल पूंजी वापस है या दर्द को ठीक
10:29है खुला यह हमारा छात्र है लेकिन यह तो अच्छा लग रहा है यह मुद्दा
10:36आधारित है यह बनाता है कि कुंभ को रहे हो अब दिखाने वाला तो क्या होता है
10:44जनमत पीड़ा होता अधिवक्ता विष्णु और चीजें तय करते हैं डॉक्टर के पास जाते टाइम
10:52नशामुक्त दवा देखिए बिल्कुल शांत कि यदि आपके लिए उपयुक्त
10:58कुछ नहीं किया करते मैंने कौन से अलार्म सेट किए हैं देख लेते
11:05हैं ठीक होंगी अर्थात जो हमने का अनुभव किया उम्मीद झाला
11:12व सूखे है कुंभ का आधुनिक आने वाला है
11:18कि जिन थे है कि आंखें पूज्य स्वामी जी थे
11:25वैरायटी देखना चाहती है अच्छे-अच्छे गाने सुनना चाहते हैं नाम है
11:32सुगंध लेना चाहता है तो यह सब स्किन थी कराते हैं यह सब झूठे यह पौन इंच यह
11:41खूबसूरत नहीं कह सकते और दूसरा अंतरिक्ष अंतरिक्ष वेधशाला
11:47आर्थिक क्षेत्र अर्थात जिस से आत्मा की शुद्धि वह क्या है
11:54का दायित्व है चुका है उसको पूरे पूरा का पूरा आशीर्वाद दिया
12:00मैं पागलों की दुकान हो है इसीलिए मदद करने की
12:06कि मुझे शिवानी उससे भी स्किन को की रोटी किसी का समय करने कोई असमय है परेशान है
12:14थोड़ा सा हम शांति का दान दें जो भी आत्मा को कष्ट की अनुभूति हो और
12:22दूसरा और थी इन थे ऑब्जेक्टिव आफ अस्थाई घर पर रौनियार पर
12:27उचित कि इस को अपने ब्रश पर मिलता है जब आत्मा
12:34परमात्मा सित अनशन कर लेती है कि जब कृष्ण को आ जाता है तो परमात्मा
12:40आपको सुख के साथ हैं आनंद के सागर है पिछले साल जब कुंचित यह किरदार जब आप
12:47आत्मा में मिलती हैं लुट जो आनंद का अनुभव करता है कि खोदने है
12:54क्योंकि हम स्कूल भरपूर चलाते समय जयते सत्य जाति
13:02कि आप केंद्र इस होता है है आधुनिक समय
13:08है कि यह दुख और सुख भ्रम एक ही सिक्के के दो पहलू हैं
13:15एक-दूसरे से विरहित कि अगर दुख है
13:21में पायल अगर सुपरहिट भूख भी आ सकता है संभावना एक उज्जैन जाएगा तीन संभावना है
13:32है तो बहुत से हो हमारा आधा जीवन सुखी हो इसके लिए वह धूप
13:40का चुनाव करते एक दृष्टि ये कोई देहाती है वहीं अधिक बढ़ रहा है
13:47मेडिकल साइंस प्रोडक्ट्स और है पर इस टेंपर्ड ग्लास है वह क्या करता है
13:55को फोल्ड करते हैं रजाई में दुबक छात्र
14:00पढ़ाई करता है और लगातार चिंता और हर दिन राजपूत मिलने लगता है तो जूस यह बात का
14:09आनंद सरकार कुशलता है यह पहल जब पूरी होगी तो हम इसमें तो करते हैं अभी सब लोग जाग
14:18रही हो कर सोएंगे हमेशा लपेटकर पड़ेगा है लेकिन तुम्हें बाहर हमारी पुअर्स चिप
14:27और ऊपर डालेंगे आईएस बनेंगे तब तक हम इंजीनियर बढ़ेंगे उसके साथ मिलने करते हैं
14:36पोस्ट को देख तरह लंबा अपना लेख है उसी तरह बाकी बच्चेग्गी क्यों बाप विस्तृत पर
14:46चलते हैं तो बाबा को सस्ते बच्ची से पुरुषार्थ कणों
14:52एक रिमाइंडर दुनिया के महाराजा मुस्कुराने का पद दूंगा
14:57है वह दिखा देता है तब वह दिखा देता है इस हाथ में थोड़ा सा कम तकलीफ हुई हो गया तो
15:05ध्यान नहीं देती हूं कि हमारी दृष्टि गहने दुनिया में ऊंची पर वह राजसिंहासन पर
15:11बैठने तो इस तरह बे डिफिकल्ट चिला विरोध करते हैं क्योंकि सुखी जीवन का
15:19और विष्णु दिखाई देता मैं इसी राशि
15:24इस बात को अच्छी तरह के पास पहुंची का आयुक्त श्रम सतत वर्ष का
15:32होता है है लेकिन जब उसके 40 वर्ष पूरे हो जाते हैं
15:39है तो उसके जो दाढ़ी व्यक्ति कमजोर हो जाते उसके पंचदीप कमजोर बजाते पन कभी भारी
15:47हो जाती तो क्या होता है उन ज्यादा खून नहीं पाता अपने भोजन के लिए वह शिकार नहीं
15:54कर पाता कि उसके सामने दो विकल्प रहते हैं
15:59है एक तो यह है कि दूसरों का शिकार किया जैसे कि नहर
16:05आदि जीव है कि भोजन को ग्रहण कर या तो
16:10जेवन झाले का अब इन मसालों के साथ रहते हैं
16:16है लेकिन ब्लुटूथ से कोई विकल्प का चुनाव नहीं करता हु का चुनाव करता है
16:23है कि उनकी देता है कि अगर हानि दुख वाला काम करते हैं
16:28कि हुए आगे का जीवन कहूंगा तो क्या करता है और अगर किसी
16:33पहाड़ी पर चला जाता है अपने चम्मच को पहाड़ से टकरा टकरा कर तुम देता है
16:40कि यह मैसेज आते हैं को पंचम उत्तराखंड का दर्द होता है इस कुछ
16:47दिनों में नहीं पहुंचा जाते हैं कि समुद्रगढ़ तक तोड़ देता है कि कुछ भी में
16:53नहीं रुका जाता कि यह प्रक्रिया वल्लभ को दी लगते हैं
17:00कि तुम गिर्द किंतु दर्शन करता क्यों कि आगे कर देते तुम्हारे हो और उसके पंजे गए
17:08जो उन्हें पंख नहीं तो सप्ताह पहले की तरह अपना शिकार कर का पुष्प है
17:16है उसी तरह से कि आज के संबंधित
17:21में अधिक बात नहीं आज के समय में बहुत लड़ाई झगड़े हुए कि एक दूसरे से किसी न किसी बात पर लड़ते
17:30के लिए प्रसिद्ध है एक इंसान होगा और दूसरा पति-पत्नी थे
17:37कि उक्रांद ने कि पति-पत्नी में जिम जाना प्यार होता है तुम्हें में जगह जगह है
17:45जहां प्रेम है वहां घंटे ऑनलाइन रहते हो
17:50है और कुछ लोगों को ऐड सिलाई कर देते हैं जिसका कोई आधार ही नहीं होता निराधार
17:56व्यक्ति क्यों तुमको लड़ाई तो मजाक करने की आदत पड़ी हुई बहुत दिनों कि टाइल्स उस
18:04तरफ बसु करते थे है और उसके बाद जो की होते ही है और उसको करूंगी कि मुझे
18:12थे जज कि एक बात 12:00 रात हुए दो चिपक में लवण आपस जाहिर
18:22है कि आई होगी तो आवाज ऊंची होगी क्रोध आएगा और कुर्ते में कौन क्या कह रहा है
18:29पता नहीं चलता और आज के बाद मुझे कोई जोर जोर की चीज करकरे का या तो जाए यही और
18:37उसपे लोग सोए हुए हैं जब प्रधान होगी और
18:43वही हुआ उनकी लड़ाई को सुनकर के आसपास के पड़ोसी आगे धर्म
18:50कि यह दरवाजा खुश या है अरे जान हमसे पूछ रहे हैं कि आपके 12:00 शत्रुओं मैं आपको
18:57टाइप करना है का प्रतिनिधित्व किया कि हमारे पाचन उम्मीद है
19:03कि हम कहें कि हमारा लड़का डेकर पड़ेगा और यह तरीका या इंजीनियर बनेगा आ
19:10और मामा क्या हाल है की पत्नी का खर्चा इंजीनियर की खराब है बस
19:17क्या अगर इंजीनियर भी बन गया कंप्यूटर गेम्स शुरू हो गई वही प्रोसेस लगा कर लें
19:24अब तो आसान तरीके कम से कम हमारी बात तो सुनिए
19:30की कहानी बताइए ताकि देखी इसका लेजर होगी क्योंकि जब पाकिस्तान नहीं होगा आप खुद
19:38सोचेंगे धुंध आप ऐसा कीजिए कि आप घर में वह बोला कि
19:44के मुताबिक है लिए आप सिंपल सी चीनी थोड़े सहकारी समिति
19:50कि वह बच्ची रोते दूसरे क्वेश्चन कि भूमि अधिग्रहण ऐसा हो जाए अब तक सोच
19:58रहे हैं कि यदि कोई पैदा ही नहीं हुआ था
20:03है लेकिन अगर जन्मदिन यह Redmi बनाने के लिए
20:08खड़ी थी कि इस तरह mylife वह ढूंढ लेंगे और होती
20:14और आप इसे अपने भी दुखी होते हैं और दो
20:19मैं यही हूं कि ऐसे ही जीवन है हां जी कभी शादी नहीं की
20:27कि लुटती है क्योंकि सड़क दुर्घटना होने का
20:32मेरे पास है और वह बीच समझौता को
20:37अर्पिता किसी बात और तब उन्हें लगा लड़ पड़े अगर समझो बोलता हूं तुम्हारी नहीं
20:45हुई इसी संभवता में स्वयं शुक्र है और
20:51टर्मिनल है 58 लाख है कि इस तरह का स्थिति होगी पूरा नहीं होगा
21:00मैं इसी तरह से कुछ 45 विविधता यह बैठे विधि कि चर्चा चली कि है भाई आजकल राज
21:09धुमाल आज भी वह दिन याद दिला बिल्कुल हैं क्या
21:14होता है वह जापान की जुटावक की
21:20प्रॉब्लम प्ले करो है इस वजह से क्या फायदा है
21:25कि मुझे एक दोस्त ने कहा में एक दंपति है जहां तक लाइफ बहुत ही
21:32नहीं झगड़ा ही किसी ने उनके घर से व्युअर्स आवाज सुनाई दे हों निभाई वहीं कबीरदास के अच्छे
21:42दोस्तों से ताकि हम रह जाऊंगा कभी दास जी के पास है और इसके रहस्य मांग करेगा कैसा क्या है
21:50जो मिला ही नहीं आई थी तो सब में होती है वह दोस्त गया थे विलेज दोपहर का समय था
21:59कबीर दास के घर तक मिटी दास को प्रणाम किया और कहा कि देखिए हम आपके पास एक
22:05उद्देश्य से आए हैं को जानना चाहते हैं कि आप दोनों पति-पत्नी
22:12में कभी लड़ाई फोन हुए हैं हो कभी निराश में ताजगी भी जानना जरूरी है
22:17क्या क्यों नहीं पहुंच पाता है तो कहा कि इसीलिए तो हिसाब से जाना चाहते कि हमसे
22:24क्या मैं तुम्हें पत्नी को आवाज दिया और कहा कि लड़के जला देंगे हम
22:30मैं इग्नोर पर की प्रॉब्लम यही है कि कि दोपहर में रुके
22:36करें इस लालटेन जला कर दिया कि दुसाध
22:42का पूरा ख्याल गिरफ में दो बार दूध ले आए
22:48कि तमिलनाडु के पायलट लगा कर देती है ग्रुप यह ग्रुप किया तो गिलास रख दिया अरे
22:56हां इसलिए तो चीनी की जगह पर रख पा गया है
23:02कि हम पूरी फिल्म है और आप रेसिपी है कि कविता ने कहा कि संभोग
23:10कि इस समझौता है कि अगर हम कुछ कहेंगे तो पत्नी तक नहीं करेगी और पति कि हम तक नहीं
23:18चाहिए उसका आथित्य ग्रहण [संगीत]
23:23के पेपर में क्या हुआ अभी होनी चाहिए तब मानव न तो और संभवतः मानस स्वरूप
23:32स्वर्गवास इसीलिए आपको पति-पत्नी कभी लड़ाई नहीं समझ में आया और चला गया
23:41यह प्रश्न यह है हां भाई यह दूध और सूख
23:48को अच्छी तरह पक चुकी है सबसे को पकड़ कर
23:53दे कि अब सवाल यह है है कि शुद्ध शेयर
24:00कि ऐसा क्या करें तो उसके लिए दो आधार की पहल
24:07शांति और दूसरा संतुष्टि अगर हम और जो में
24:12शांति और संतुष्टि है 2पसंद
24:19कि आप शांति से भी दो तरह की होती है एक बाहरी शांति और मानसिक शांति
24:27के बाहर शांति मिलती है जहां निर्जन स्थान होता है पहाड़ों पर तो जाते हैं पिकनिक
24:34मनाने भारत में खेल के मैदान में बड़ा होता है
24:39दक्षिण चालू महत्त्व कि जागृति हम को शांति दे ओम शांति
24:46कि आंतरिक शांति कहीं भी जाने से मिलता है
24:52थे जज कि मीडिया के नाम पर तो तू यह होता है जिसका सुगंध चारों तरफ फैल जाता है विराट
25:00कोहली अनुभव होता है लेकिन विकास पुरुष दुश्मनों को भूनने के
25:05वक्त आप मिलता है मुकुंद चाहिए इस वक्त हमारी ना भी एक वस्तु साथ
25:12और सीता ओम शांति दे साफ-साफ बता ऐसा को म्यूट आख्या शांति ओम
25:19ओम शांति को भूनते बाहर मैं जब भी शांति हमारे अंत कैसे शांति
25:27आत्मा का स्वधर्म है क्योंकि आत्मा शुद्ध होती आत्मिक सुख शांति आनंद ने अभी तक का ज्ञान
25:37और सत्य साफ होते हैं अब तो शांति जब हमारे अंदर है आत्मा का
25:43स्वधर्म है और अपने स्वधर्म में दिख जाएं ऐसी शांति
25:49शांति शांति लेकिन जब स्वधर्म में नहीं कि तुम मानसिक शांति नहीं है
25:58है दूसरा है संतुष्ट इस बात कि है कि जज की मूर्ति
26:06है इसलिए कहा कबीरदास ने की गोधन गजधन पाजी हैं और मक्खन और जब आवे संतोष धन तो सब
26:15बंधु के अधीन हाथी-घोड़े सोना चांदी के गहनों
26:20है यह सारे उस समय क्या हो जाते तब संतोष रूपी धन आया हमको साधु
26:28है लेकिन हमारे अंदर संतुष्ट हैं उसके बारे में बिछाए वह बहुत ज्यादा
26:34है पक्का अच्छा यह बहुत जाए तो और एक शाम मुकेश को साइकिल आयात
26:43की मुख्य अतिथि होंगी कारण कार आ रही है धरती से अच्छी वाली का राज है वह भी आ गए
26:51इससे इन्हें अच्छे वाले गाना चाहिए 16 कहां खत्म हो गई उस वक्त पता नहीं करता
26:58है कि आखिर आती है आख्या और हम दुखी व्यक्ति
27:05कि अगर अ एक सुंदर सा है फिर दूसरा ऐप खोलें
27:10कि इस तरह से पहले के जमाने में का पानी हमने के लिए माता दी जाती थी पूरे
27:17को कि भारतीय जल भर के आगे जी काम चलता अ
27:22घर में शामिल हो गए हैं है उसी तरह से एक माता पार्टी लेकर गई पूरे पर पानी दीजिए
27:30कि मुझे पार्टी कुख्यात अनिल दुजाना गांव का अस्तित्व के लिए ऊपर खींचा पानी अगर हम
27:39अभी घर आई हूं के बावजूद भारत के दवा कि देखा भविष्यवाणी
27:47पानी से धो लें फिर कि जब पानी दो है इसलिए तय हुआ है कि हमारी पार्टी भरता
27:54ही रहे हैं ए क्वार्टर लेकर दूसरे हुए पुलिस की महंगी हुई अब तीसरे पूजा रहेगा दें मिला था कि
28:02अधिग्रहण जी आपकी बॉडी शक्ति अथवा उसका कहां घूम रहे
28:07नकरात्मक मैं क्या करूं यह है कि हमारी पार्टी को ढूंढ ली
28:14के बाद देखिए आपको पार्टी कैसी है यही व रहा है दिल का दुश्मन पैदा ही नहीं था
28:21अब से आधे घंटे पर इसमें पदार्थ तो आइए यह बारे में किसी ने घुम भर जाए तो
28:28है इसी तरह से हम अपने बुद्धि रूपी पार्टी में असंतोष पैदा लगा दे दे को हम भोग चुके
28:37हैं कि इच्छाएं पूरी हो जाएगी लेकिन ऐसा हम करते हैं
28:43कि कोई गर्ल्स ओं है कि महत्वाकांछाएं है
28:49कि ऋषि क्या होता है आ जाओ और से संतुष्ट हो जाते हैं काटने के
28:56व्यवस्थापक की जरूरत है जो करना था कर दिया बहुत है
29:02बस तुरंत और नहीं जाएंगे ए लेजी जिंदगी अंदर असंतोष है वह कहते कि
29:09और चाहिए और साइड सीखना चाहिए उनसे पूछे कि आपको कितना चाहिए जा तुझको ने उन्हें
29:15बता पाए 2006 करो अब इधर चाहिए
29:21जो आज के समय को देखते हैं कि किसी के पास भिजवा ख्याल नहीं मिलता है और किसी के भी
29:30रौंगटे खड़े की जगह कर देता है थाने भिजवा दूं क्या है
29:37असंतुष्ट हो जाएगी और अ
29:44कि देशभर में कोई व्यक्ति बैठते हैं कि बच्चे तो टाइपिंग फास्ट राख मिलाइए
29:50पापड़ और दे दीजिए पांच ढूंढ तरह का दे दीजिए है रसगुल्ले दीजिए
29:57कुछ देर बाद पसंद है 13 इंच नहीं होती और और लव न
30:04और दूसरा बच्ची बैठा है दूध ले जाइएगा काम पर्स हमेशा बिल्कुल न
30:10हां हो गया पुलिस फरार हो गया बस करता है
30:17तो उसको बार बार पूछते और डिपांड कर्ता है तो तंग बावजूद दृढ इच्छाशक्ति है
30:25चाैधरी नहीं दूंगा पेट कर ली है
30:31कि यह यह मसाज किट नहीं है को खा जाते हैं
30:37कि का पेट खाली रहता है थे ऑडिशन इन की बात आकांक्षाएं इच्छा
30:43प्रबल है उनका पेट कर नहीं क्या होता है कि हम तरफ को यह दो चीजों को अगर हम
30:55संभाल ले समझ ले तो जरूर हम चुके हो
31:00जाएंगे का जज्बा है कुछ ना जी को
31:06मालिक प्रसिद्ध उद्धरण भ्रमण कर लें अ कि आदि के चारों तरफ घूमते रहते थे
31:14मैं अभी जो भी आए थे सुबह का समय था कि उनको अधिकारी नियुक्त
31:20ए फोटोग्राफ बढ़ाती जी बगैर आगे कर दिया है
31:25मैं नागिन धुन धुन अब हम शुरू आदमी है संत हैं
31:31लुटेरे के पीछे लगा दीजिए सुबह-सुबह आप मिले हैं
31:38कि हमारी बुद्धि खराब हो जाए अब इसका दूसरा ढूंढ
31:44कि केवल एक जूनियर तो हमारी तुम्हारी खराब हो गई हम गोमेज तुम बता दे जब मिल्क
31:51इस पृष्ठभूमि में कुछ भी डाल दीजिए तो कैसे करूं इज्जत लुट
31:58लिया लिए अरे भाई सौंप दिया मरना पड़ेगा हमारे
32:03बच्चे हैं उनकी अ कि राज्य कहा कि
32:10कि उस समय अ कि आखिरकार स्वप्न देख लें ऐसा होता है
32:18कि तुम भूल गए वहां कुबेर की व्याख्या झाला
32:24मैं एक मेज़ तरह की ढूंढ सब्जी व्यक्ति को साझा करें क्योंकि ज्यादा कर देते हैं
32:31को स्कूल से जिंदगियां कि तुम किस तरह आ गया लुट अपना
32:39ने कहा कि विधेयक पिछले करके मामला हल करती थी यह
32:45करके यह मामला फंसा क्रश ले करके हम
32:50को तुरंत निकाल दिए उन्होंने अपने SIM को आदेश दिया कि वह सब
32:57पूरा कर दो कि अ लाइक डोरे डालें
33:03में सुराख वीरवार है के पिंपल्स हालात पुंढीर द्वारा निर्धारित
33:11थी घोड़ा नहीं भरा थी थोड़ा खाली लगेगा भी कब्ज पेटदर्द एक दिन भर बीत गया सिर्फ
33:19क्लॉक अंधाधुंध झाला का कि अब वैज्ञानिक आधार हमरा के संग इस अधिक
33:28रचनात्मक जब इस खेल अरे सुबह शाम होगी तो राघवा लेकर आए हैं
33:36कि सलमान का यहां लुट तो है लग रहा है कटोरे में छह है और यह मारने आ रहा है
33:43नीचे अपने आमिर खर्च करने होंगे और उन को सबस्क्राइब कर रहा है
33:48थे विनर आफ ऐसी कोई बात नहीं है तो पटवा देखिए इस फैक्ट्री का वर्णन पटनायक भाई इधर डालें
33:55देखा तो घाघरे वाह यह तो मनुष्य की खोपड़ी है
34:01की सुविधा है हैं लेकिन फिर भी तरीके को बड़ी यह है
34:07लुटा खरीदने के पैसे नहीं दिए तो पिताजी ने खूब
34:13बड़े लिए इस है तब नारद जी ने कहा कि बस यही बात है
34:21कि मानव की खोपड़ी तभी भाई सिर्फ इसलिए नहीं पा रहा है
34:27आ जाओ और कितना रहो मैं इसी तरह से अ
34:33कि यह बहुत हल्का सा के पीछे गम होंगी जाती है हम की तरफ
34:41प्राप्त कर लें लेकर संतुष्ट नियुक्त है हाई स्कूल जाना चाहिए भावना पूर्व विधायक
34:48को दिए हैं मेरा डिवाइस क्या होगा
34:54मुजफ्फरपुर जाते हैं कि Bigg Boss बैठते हैं इसलिए सॉलिड करता है साथ में अप घर
35:02आकर मांगलिक कुंडली प्रभाव या तो सरल पर मिला वह एक अच्छी टू-डू पर
35:09पकाया और कुंठित हो जाए कि बाबा आपको बहुत-बहुत धन्यवाद कि आपने हमको स्वप्न
35:17पीजिए अमित अमित राज कि अगर लुट क्या हुआ अरे सौरभ की दूसरी रिपोर्ट
35:26चाहती थी और मिल जाएंगे यह क्लार्कसन पूछता है और हमें जो कुछ भी प्राप्त होता
35:33है यह बात कर दिया हुआ है कुंठित जरुर करना चाहिए
35:39के दुरुपयोग न हो है अर्जेंट या भी हमारे पास इतना पछतावा
35:46है खर्चे के अलावा और ₹1 हम भंडार में डालने लायक होते हैं उस समय भी बाबा को
35:54धन्यवाद करें निभा आपको बहुत-बहुत धन्यवाद कि आपने ₹1 डालने लायक बनाया
36:02अगर वह भी नहीं रहता तो हम शुद्ध करती मांगने वाले को कम से कम हमको आप मांगने
36:10वाले सुझाव दिया यह रिश्ता यह संतोषी
36:16है दादा जी क्वीन पूनम पांडे ने Bigg Boss
36:22इस मुद्दे पर जब हमारा भाग्य यदि ऐसा है तो
36:28किसी दूसरे को दोस्तों निभा को दोस्तों दें जैसा हमारा पूसा जैसी हमारी गर्मी
36:34थोड़ी सी हल्दी प्रश्न उठता है कि फिर इसलिए हम अपने गुमशुदा
36:41आए इस साल जनवरी में दोनों हुआ शुरू हुआ आधा जन्म हमारा और ही अच्छा हो और हम आपके
36:50घुटनों है कि इस विधि का लेख
36:55कि आदि तब वृद्धि ने कहा कि चीन को कैच कर लेगा पकाया
37:04और कुछ भी बोल देना कि रास्ते में पंक्चर करने का कोई ठिकाना नहीं है
37:12है वैसे यह चीते हो धनवान बहुत अनुकूल है के नीचे कहा कि रूस फ्रांस
37:20साफ करके बताओ कि हम अस्तर संपत्ति थी कि लीजिए कहां कि हम क्या हिसाब लग्न आपके
37:30पास इतने संवरती है कि हम हिसाब अलार्म तरह आर्थिक वृद्धि जाएंगे पूरा नहीं किसान
37:38समिति के समक्ष यह पूरे तरीके से भर कुछ अंदाजा बताओ एक
37:44ब्रिटिश महुं कि मुझे ताकि देखिए आपके पास इतनी संपत्ति
37:51है कि आप उसे आप बैठकर भोजन करें आंखें को
37:57खर्च हैं वह कम नहीं हुआ मैं आपकी बात आपके बच्चे भी एयर बैग का
38:03रखें मैं अभी नहीं सोऊंगा चीज खूबसूरत अरे भाई किधर पास एवं
38:11माध्यमिक तथा सकते हैं पर चीनी ऐड कर खा सकते हैं बहुत उपयुक्त स्थिति के जिम्मे
38:18जीवन में कि एक रिमोट सुबह-सुबह अ
38:24टॉर्च लाइट इन विजय अवॉर्ड्स रहेंगे यह देखिए कुछ ऐसे व्यक्ति होते हैं यह
38:30चार्ट बांधा जाता कि इनके पास कोई काम होता है घूमते रहते
38:36हैं और देखते रहते की कामना हफ्ते का समय कि तुम किसी व्यक्ति घर चले जाते हैं कि
38:42सामने कोई रास्ता भी जाता तब भोजन का समय है उसके घर पहुंचा के पास कोण और यह करते
38:48हैं और कुछ बातें उनके डाल देते हैं है जिसे
38:54मैं तुमको कुछ नहीं लगती है हां सब ठीक है भाभी में आ गई थी
39:02वसुंधर उसी तरह से आधे घंटे का समय था शायद वह व्यक्ति कौन से पानी गए शिव जी
39:10क्या हाल-चाल है को हार्दिक शुभेच्या
39:17कि हमारे पास इतनी संपत्ति है है कि हम डिपॉजिट कर खा सकते हैं तब नहीं
39:23होगा हमारे बच्चे भी पढ़ कर खा सकते हैं तब नहीं होगा चाहे है
39:30तो आप उस पर क्लिक कहा कि सीरियाई कितने खोलें तरफ बच्चों वाले सोचते हैं तभी अपने
39:37नाती-पोतों को बारे में सोचा है वह क्या करेंगे अरे सब आ पहुंचे क्लिक कर खत्म कर
39:45देंगे इस मास्क को धो कर क्या होगा ना के बाद जिद्दी में बैठे
39:51जी हां यह बात सुसाइड दिखाओ का जूस अच्छी तो मन साल तक आ और पसंद
40:00होंगे कि खूब विजय नंबर प्रमुख खाना थल नभ
40:06कोई काम करना अच्छा लगता है समय किसी व्यक्ति हमारे नागरिकों का क्या होगा है
40:11₹1 होगा मुद्दा इसे जरूर भेज दो हां
40:16भाई आपकी स्थिति सुरक्षित नहीं है आपको क्या हो गया आप तो बड़े खुश रहते थे हंसते
40:23रहते थे आपको क्या हो गया था जिसे खाना खाते हैं यस सो पाते हैं आपके एपी चैनल
40:29क्यों तुम्हें बताया था है यह हम
40:36अच्छा ठीक है अच्छे से ख्याल तो मैं खा सकते बच्चन जीनत अमान खा सकते हैं हमारे
40:42को तो क्या होगा का अपभ्रंश है
40:49में काहे बे टाइम कीजिए आप गुरुजी के पास जाए
40:54कि इस आधुनिक कर पाएं ओके हम करेगें है आधी बोतल ध्यान यह अ
41:02कि वह नए गुरुजी के पास गुरु जी को अपनी समस्या उंधिया
41:08ए would-be सब्सक्राइब और कहां पिस्ता समाधान है सूजी बड़े हैं तनुज नियुक्त
41:17के मुताबिक काम करो कि गांव के संबंध में एक बृहत घर है मैं
41:25भी एकदम दुगुना तुम तुम बढ़िया भोजन बनवाओ
41:32मैं भूल जाओ हर समस्या का समाधान है ओम शांति घर गईं कि इस प्रकार जिम्मेदार
41:41की सुविधा अनुसार सलाया अंकुरित किए
41:46गए इस बात का समय 10 व्वे झाड़ू लगा रही थी
41:54एक नई सुबह आयेगी शिवजी ने कि तुम्हारी मां का है मथुरा
41:59कि इस पर राधे मां व्याख्या कि इनको पीछे खिसक ने कहा कि जब पूजा पर
42:07बैठ जाऊं तो बोल दिया है जिसमें उनको तो गाने में
42:12वृद्धि आप कोई चीज नहीं है यह कभी कभी एक अखंडी सकती है उसको आप सभी
42:20मन लग जाता है तो दिन भर दिया कटिंग है कौन सी सिचुएशन कि देखिए अरुंधति
42:28आपको डर पड़ेगा यह पूछेगा विशाल गलतियां बेचिए
42:35ए विलेन जरूरी है MP3 में का कोई संदेश दे रहा हूं तो चलिए
42:43मेल संदेश दे या सचिव व मैंने कहा जी
42:49कि ऐसा करो कि हम भोजन है तुम लोग है की सुविधा नहीं किस प्रकार के पैटर्न इसे
42:57दुर्गे तो तय है कि सुबह का भोजन तो आप चुका है में आ कहां क्या
43:03पुदीने के पत्ते भी चावल और घाघरा
43:09कुछ सिम्टम्स नार्मल व्यक्ति है वह हमारा मूल्य
43:15ने कहा कि मां ने कहा है और इधर एक जगह से भोजन आज है तो दूसरे का
43:22भोग स्वीकार करो अरे भाई तेरे को फोल्ड कर देना
43:30कि उस लड़की ने कहा कि मां ने ही कहा है कि जब यह बकायन हो तो दूसरे वर्कर हमको
43:37चिंता नहीं करो एक विशेष उत्तरदायित्व
43:43कि पुराने हमको गुर्जर कहां हां हम ठीक है
43:49को शैंपू धन्यवाद तो बैठे यार इधर ही लीजिए पास एक व्हाट्सएप गोल्डन है वह भी
43:57पूजा नहीं है फिर दूसरा भोजन नहीं स्वीकार कर रहे हैं और मैं कैसा पालन जिम ऑफ बिर्थ
44:05सूखी बच्चे नृत्य नाटिकाओं का ख्याल से बेचैन कर सकते हैं और इस बात में कोई दम
44:13संतुष्ट हो गए कि हम गलत थे और नियुक्त कर
44:19दिए हैं मैं यहां पर बैठी है वह यह कभी प्यार नहीं करते
44:25को मजबूत आगे और संतुलित आणविक बात आदि
44:31का मंत्र कि यह प्रश्न है कि हम ऐसा क्या करें
44:38क्यों सदा सुखी रहे तो आइए है तो उसके लिए पहले अपने सूरज को पॉजिटिव
44:481857 क्यों करने हमेशा हैं सकरात्मक ढूंढ
44:53कि आज यस पानी आधा खर्च नहीं आ धारावाहिक है
44:59और दूसरा अपनी इज्जत लुट संयमित व नाले मर्यादित बना लें तो उस समय जब हम बड़ा
45:08सुखमय होता है है क्योंकि उसको इच्छा धुंध
45:14है और तीसरा हमारे पास बहुत सारी इच्छाएं है है और बाबा के पास कोई इच्छा है
45:22कि हमारे पास कुछ समझ नहीं समझते ही नहीं हैं और वास्तव संगठन बनाने और शक्तिमान हम
45:31क्या करें बाबा से एक्सचेंज करें कि बाबा आप – 06 लीजिए और अपना सारथी हम ढूंढ तुम
45:41शक्तिशाली हो जाएंगे इच्छा भी हो जाएंगे ऐसे में [संगीत]
45:46है तीसरा अगर हम मर्यादाओं में रखेंगे तो मर खर्च भी कम होता है
45:52क्योंकि कहा जाता है यह सागर बांध आए तो
45:57अपनी खर्च घोटाले की होगी और अगर आमदनी बढ़ जाए तो फिर खर्ची अव्वल है
46:06मैं ऑफिस की है जैसी नदी है
46:12इस नीति में पानी आ जाता है उसके वह किनारे मिलते हैं जब तक नदी के दोनों
46:19किनारों के बीच बढ़ती है अर्थात संयमित रखें मर्यादित करती है तो वहीं नदी हजारों
46:27जीव की प्यास बुझाती है फसलों की सिंचाई निकलती है सबका कल्याण करें
46:34नई दिल्ली तेल कंपनियों हरियाणा का भैंसा यह फोन देती है और अव्वल की हार को अपने
46:42अंदर स्माल दीजिए सिर्फ बाहर चली जाती है क्योंकि चीन धो
46:49का प्रस्ताव हो जाती है यह साइट फेसबुक पर बात करती थी बहुत सारे
46:56लोग उठकर जान लेते पर हर लेती है ए
47:01सईंया अमित जीवन और हफ्ते में चीन सहित में रहेंगे इसलिए लेंगे संतुष्ट रहेंगे इस
47:09शांति है इसलिए कहा है कि चाहे नई दिल्ली चीन चिंता मिटी मनवा
47:18बेपरवाह और जिनको कछु नहीं चाहिए वह संघ के साथ ओम
47:27शांति ओम [प्रशंसा]
47:32मैं बहुत खुश हूं