पाप और पुण्य (जानिए महापाप क्या हैं और इससे कैसे बचें….)(ओ.पी.तिवारी)

पाप और पुण्य (जानिए महापाप क्या हैं और इससे कैसे बचें….)(ओ.पी.तिवारी)

नमस्कार दोस्तों,

आज हम एक ऐसे विषय पर चर्चा करेंगे जो मानव जीवन का आधार है: पाप और पुण्य। पाप और पुण्य दो विपरीत अवधारणाएं हैं जो हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। पाप उन कार्यों को दर्शाता है जो नैतिक रूप से गलत और हानिकारक हैं, जबकि पुण्य उन कार्यों को दर्शाता है जो नैतिक रूप से सही और लाभकारी हैं।

महापाप वे पाप हैं जो सबसे गंभीर माने जाते हैं और जिनके नकारात्मक परिणाम होते हैं। इस ब्लॉग पोस्ट में, हम महापापों की अवधारणा का पता लगाएंगे, देखेंगे कि वे हमारे जीवन को कैसे प्रभावित करते हैं, और इनसे बचने के लिए हम क्या कर सकते हैं।

महापाप क्या हैं?

हिंदू धर्म में, पांच महापाप माने जाते हैं:

ब्रह्म हत्या: किसी ब्राह्मण की हत्या करना।

गो हत्या: गाय की हत्या करना।

मद्यपान: शराब का सेवन करना।

स्त्री हत्या: किसी महिला की हत्या करना।

चोरी: दूसरों की संपत्ति चोरी करना।

इन पापों को सबसे गंभीर माना जाता है क्योंकि वे न केवल व्यक्ति को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि समाज को भी नुकसान पहुंचाते हैं।

महापापों के प्रभाव:

महापापों के कई नकारात्मक परिणाम होते हैं, जिनमें शामिल हैं:

कर्म का बोझ: महापाप करने वाले व्यक्ति को अपने कर्मों का बोझ उठाना पड़ता है, जिसके परिणामस्वरूप उसे भविष्य में कष्ट भोगना पड़ सकता है।

सामाजिक बहिष्कार: महापाप करने वाले व्यक्ति को समाज से बहिष्कृत किया जा सकता है और उसे सम्मान और स्वीकृति नहीं मिल सकती है।

आध्यात्मिक हानि: महापाप करने वाले व्यक्ति की आध्यात्मिक प्रगति बाधित हो सकती है और उसे मोक्ष प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है।

महापापों से कैसे बचें:

महापापों से बचने के लिए, हम निम्नलिखित उपाय कर सकते हैं:

नैतिक मूल्यों का पालन करें: हमें अपने जीवन में नैतिक मूल्यों का पालन करना चाहिए और सदैव सत्य, अहिंसा और दया का मार्ग अपनाना चाहिए।

अच्छे कर्म करें: हमें सदैव अच्छे कर्म करने चाहिए और दूसरों की मदद करनी चाहिए।

बुरी आदतों से दूर रहें: हमें शराब, मांसाहार और अन्य बुरी आदतों से दूर रहना चाहिए।

धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करें: हमें धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करना चाहिए और उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।

सत्संग में भाग लें: हमें सत्संग में भाग लेना चाहिए और अच्छे लोगों से संगति करनी चाहिए।

निष्कर्ष:

पाप और पुण्य मानव जीवन के दो महत्वपूर्ण पहलू हैं।

महापाप वे पाप हैं जो सबसे गंभीर माने जाते हैं और जिनके नकारात्मक परिणाम होते हैं। हमें महापापों से बचना चाहिए और सदैव पुण्य के मार्ग पर चलना चाहिए।

यह भी याद रखें: पाप और पुण्य की अवधारणाएं विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों में भिन्न हो सकती हैं। हमें सदैव अपनी अंतरात्मा की आवाज सुननी चाहिए और वही करना चाहिए जो हमें सही लगता है।

पाप करने के बाद भी, हमें क्षमा मांगने और पश्चाताप करने का अवसर मिलता है।

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0:22[संगीत]

0:47ओम शांति

0:52आज का हमारा विषय पाप और पूड़ी

1:01तो सबसे पहले प्रश्न यह है की पाप क्या है

1:11तो हम अपने कर्म इंद्रियों से

1:20और वह जिससे किसी को दुख पहुंचता हूं नुकसान

1:27होता हो और उसके अंदर से बद्दुआ निकलते

1:35द्वारा हो चाहे वाणी के द्वारा हो चाहे कर्म के द्वारा

1:43ठीक इसके विपरीत वह कर जिससे किसी को फायदा होता हो लाल होता हो

1:54खुशी मिलती हो और उसके अंदर से दुआएं निकलते हो वह पुण्य कर्म बन जाता है

2:05अब यह तीन तरह का होता है एक होता है सूक्ष्म पाप

2:13दूसरा होता है बड़ा पाप और तीसरा

2:23द्वारा मैन के द्वारा या वाणी के द्वारा क्या कर्म के द्वारा

2:29होते हैं यह विषय महत्वपूर्ण इसलिए

2:36[संगीत] होता है सजा मिलती है और पुण्य से

2:45अच्छे श्रेष्ठ मिलते हैं श्रेष्ठ फल मिलते हुए करने

2:51इसलिए सब लोग बचाना चाहते हैं की हमसे कोई पाप ना हो उन्हें ही हो

2:57है तो इससे यह जानकारी जरूरी है की हम

3:02पूर्ण कर्म ही करें पाप से बचें तो सबसे पहले मनसा द्वारा मैन के द्वारा

3:09कैसे पाप कर बन जाते हैं जैसे अगर

3:17किसी के प्रति ईर्ष्या हो या अपना व्यक्ति

3:24[संगीत] और इसके लिए उसके प्रति हमारे दुर्भावना

3:29हो मैन में सोचता है जैसे किसी के बगल में दुकान

3:38है उसकी दुकान खूब चल रही हमारी दुकान कम चल रही तो मैन में आता हूं

3:44किसकी दुकान में आग लग जाता

3:50है

4:08है तो कोई देखता है की भाई इसकी सारी तो बड़ी अच्छी तय हो गई अब उसके मैन में दुर्भावना ए गई जाकर उससे

4:16कुछ का दिया

4:28तीसरी बार मैन लीजिए कोई श्रेष्ठ कर्म कर रहे हो जिसमें कई लोगों का भला हो रहा है

4:36और कोई ईर्ष्या वर्ष उसमें विघ्न पैदा करने

4:43विघ्न पैदा कर देगा तो जाहिर है की वह सेवा प्रभावित होगी

4:49और उसे सेवा से जितने लोगों को फायदा होना होगा

5:00किसी भी श्रेष्ठ कर में अगर हम सहयोग नहीं कर सकते

5:08वो कम चाहे सेवा का हो या कोई धार्मिक अनुष्ठान हो उसमें भी कोशिश करें की अगर

5:17हम सहयोग करते हैं तो पुणे का कम हो जाएगा सहयोग में पैदा कर दिए तो निश्चित जाएगा

5:27है और यह पाप पुण्य जो भी बनता है वह अलग-अलग खाते में जमा होता है और इन सब का

5:35फल मिलता है गारंटीड चाहे कुछ समय बाद मिले या बहुत दिनों के

5:42बाद में अगले जन्म में लेकिन मिलता है और दूसरा वाणी के द्वारा

5:49वाणी के द्वारा बहुत से लोग आदत होती है वो कटु वचन बोलेंगे कड़वाहट भरा बोलने तो

5:57जा रहे सुनने वाले को अच्छा नहीं लगेगा दुखी लगेगा वह मुंह से भले ही कुछ ना कहे

6:03अंदर से बद्दुआ तो निकलेगी

6:09मैन लीजिए कोई अपंग है कोई अंधा है आना है मुला है लंगड़ा है

6:21[संगीत] सब जानते हैं की अपंग है ऐसा शब्द बोल

6:27करके हम उसको याद दिला रहे हैं की तुम बार-बार सुनने से तो कहीं होगा और उसकी

6:35खिदमत दुआएं निकले की इसके विपरीत मैन यह कोई अंधा है

6:41उसको कहिए गैस सूरदास जी [संगीत]

6:46लेकिन वाणी में अंतर ए गया

6:52क्योंकि उसको खुशी होगी

7:04बच्चे मीठा बोलो मीठा बोलने से क्या होता है की अपनी जुबान

7:10अपनी मानसिक स्थिति भी अच्छी रहती है सुनने वाले भी खुश रहते हैं और हमारा खून

7:17का खाता है बढ़ता जाता है

7:24एक बार दो भाई द बड़े भाई की शादी हुई थी

7:30और उसकी पत्नी घर में थी संजोग से एकांकी कहानी थी

7:37अब उसका देव उसका नाम ही रख दिया कहानी भाभी

7:45कोई बात तो कहानी भाभी खाना दो यह उसको अच्छी नहीं लगती थी

7:51एन अच्छी लगी उसका पानी है तू तो जानते है

7:58क्या जरूरत है उसकी मैन उसको समझाया की देखो ऐसे मत बोलो

8:04तो उसको दुख होता है ठीक है वह कहानी है तो तुमसे नाम ही रख दिया

8:11[संगीत]

8:24[संगीत]

8:32जाता है ऊपर से पानी गिलास में डाला लिया कर देती है लोकप्रिय छाछ

8:39उसने कहा मैन से की मैन देखो मैंने कहानी भाभी से छास मंगा इन्होंने छाछ का पानी दे

8:45दिया तो मैन ने कहा की देखो बेटा मैं तुमको कई

8:50बार समझा चुकी हूं ऐसी ना बोलो एक बार अच्छी भाभी बोल कर तो देखो

8:57कहा की ठीक दूसरे दिन कहा की मेरी अच्छी भाभी

9:06वो खुश हो गई क्योंकि आज तक परिवर्तन हुआ अच्छी भाभी सुनने को आया तो

9:15खुश हो गई किचन में उसने दही का लस्सी

9:23वो भी खुश होंगे

9:38और जब बोलोगे अच्छी तो मिलेगी कहीं की

9:44आपने वाणी द्वारा हम बात क्यों इकट्ठा करते हैं बोलने में शक्ति टूटना ही लगती

9:50है अच्छा बोलेंगे तो वही शक्ति खर्च होगी और पूरा बोलेंगे वही शक्ति खर्च होगी

9:59नींबू है नींबू और नींबू का रस जो है अच्छा नहीं होता एक तरह से कड़वा होता है

10:08उसका क्या परिणाम होता है

10:27[संगीत] काटा गया निचोड़ गया और सड़क पर फेंका गया

10:36तो सैकड़ो लोगों के पैरों से चला गया क्यों क्योंकि उसका रस मीठा नहीं है

10:45अब इसी कहिए की भाई एक गिलास नींबू का रस पी लीजिए कोई पिएगा और शरबत कहिए

10:51दो गिलास तीन लाख चर्चा गिलास पीने वाले पी जाएंगे क्योंकि मीठा

10:57है और ये कड़वा इसलिए हमको कड़वा बोलेंगे तो हमारी बात को सुनना नहीं चाहेगा मीठा

11:04बोलेंगे तो 10 लोग हमारी बात सुनेंगे जैसे

11:095 लीटर नींबू का रस एक भी जीव जंतु नहीं आएगा

11:31सामाजिक व्यवहार भी है और हम सबको भी अच्छा लगता है अरे हमसे कोई कड़वा बोले तो

11:39हम खुश होंगे क्या की दूसरे से क्यों बोले

11:47इसके बाद मंशा द्वारा बनी द्वारा अब हम आते हैं

11:53कर्मों द्वारा तो कर्म द्वारा बड़ा का

12:00आप हो जाता है कैसे की पाप जो है किसी भी अगर जीव की हत्या

12:08करते

12:14क्योंकि यह जीवन जो है यह भगवान का दिया हुआ है हम उसको नष्ट नहीं कर सकते अगर

12:21करते हैं तो वह पाप के हम जाते हैं

12:27अब चाहे अपने जीव की हत्या करें

12:48या किसी दूसरे लड़के को peetenge तो कानून जितना अपराध दूसरों के बच्चे को पीटने से

12:55होगा अपने बच्चे को पीटने से भी वही अपराध चढ़ेगा कानून को ही मिलेगा हम ऐसा नहीं कर

13:03सकते की तो हमारा बच्चा रिपीट हो जाएगा आपको क्या परेशानी है

13:12आपका बेटा है याद कीजिए

13:19तो उसी तरह से आम तौबा आज का जो फैशन चला है

13:24सुसाइड का आत्महत्या कितने केसेस आज

13:31नहीं करते आज क्योंकि बुद्धि विकृति हो गई है लोगों में तनाव है और आपस में मनुष्य

13:40है कोई बच्चा

13:48किसी ने कुछ का दिया

14:00है होता है जीव की हत्या करेंगे atmavritti छोड़कर के

14:07चली जाएगी लेकिन वो कहते हैं आत्महत्या करेंगे तो जीव हत्या की बात होती है

14:14अब यह ज्यादातर माताएं बहाने इसका इस्तेमाल करते हैं

14:19कोई बात ना मणि गई उनके मैन के हिसाब से नहीं हुआ क्या कहते हैं अगर यह बात नहीं मणि गई अगर यह कम

14:27नहीं हुआ ट्रेन से कट जाएंगे हम आग लगा लेंगे हम कुएं में कूद जाएंगे

14:36हम नदी में छलांगा लगा लेंगे

14:42आपसे हूं और अधिकतर हो भी आता है लेकिन कभी-कभी

14:48नहीं भी होता है

14:55मार जाएंगे अब देखिए इसमें क्या दिक्कत है

15:05लेकिन वो सोच रहे हैं की भाई 200 साल से यही का रही है मर्ज अभी तक तो मारी नहीं क्या वो मार जाऊं अगर किसी ने का दिया

15:14तो इसमें दो बात हो गई एक तो उनका कहना नहीं माना गया जिसके लिए मरने की बात कर

15:21रही है वह कम भी नहीं हुआ और अगर मार गई

15:30छूट गया

15:35[संगीत]

16:02इसमें घटा ही घटा है अब तिवारी जी

16:13ऐसी परिस्थिति आती है तो यह मरने मरने के बाद छोड़िए

16:24जिससे हमारा केवल नुकसान ही नुकसान हो तो प्रश्न

16:30है तो उसके लिए इस तरह आती है जहां हम जिन पर पद जाते हैं या

16:39उसको हमको अच्छा महसूस होता है फायदा महसूस होता है तो यह नहीं कहेंगे हम मार

16:44जाएंगे कहना है तो यह कहें की अगर ये बात नहीं मणि गई तो ऐसा भी हो जाऊंगी

16:53मैं मंदिर में चली जाऊंगी मैं ब्रह्माकुमारी बन जाऊंगा मैं इसी बाबा

16:59से शादी कर लूंगी अगर यह धमकी देते हैं तो यह धर्म की

17:04प्रभावी तो होगा

17:17प्रभावित होगा क्योंकि लोग सोचेंगे की भाई यह कर लेगी तो आसान है और अगर कहीं आश्रम

17:23में चली गई तो मेरे घर का क्या होगा कौन देखभाल करेगा

17:30तो आपकी बात मैन ली जाएगी है ना हो गया दूसरा अगर उन्होंने यही कर

17:37दी की जाओ कोई जाओ साथ में तब भी हमारा फायदा हो गया की हम अपने

17:43वर्तमान और भविष्य के जीवन को श्रेष्ठ बना लेंगे तो दोनों तरफ से लाभ ही लाभ है घर का कुछ

17:50नहीं और उसमें लाभ कुछ नहीं की उद्घाटन घटा है तो ऐसा हम करें की हमको लाभारी हो

17:57घटा ना हो और मरने की बात छोड़ दिया जाए इसको अच्छाई की तरह

18:25बात करते हैं वो भ्रूण हत्या जो बच्चा जन्म नहीं लिया उसको पहले ही मार देना ये

18:32भ्रूण हत्या श्रेणी में क्यों आता है

18:39क्योंकि हम समझते एक की हत्या हुई लेकिन हत्या चार की होती है

18:45किसकी तो एक अतिथि की हत्या होती है मेहमान की

18:50हत्या हम करते हैं की हमारे घर कोई नया मेहमान आने वाला है

18:59तो माताएं खुशियां घर के लोग खुशियां मानते हैं छोटे-छोटे बनता हैं छोटे-छोटे कपड़े बनाते

19:07हैं टोपी बनाते हैं मोजा बनाते हैं क्योंकि आने वाले मेहमान का स्वागत के लिए

19:13तैयारी करते हैं मिठाइयां बनती जाती है लेकिन भारतीय संस्कृति में कहा गया की

19:21अतिथि देवो भाव अर्थात जो आने वाला है देवता के सवाल होता है

19:32इसलिए सबसे बड़ा पाप कहा गया है

19:38उसकी पहले ही हमने हत्या कर दिया तो ये बड़ा से बड़ा पाप हो जाता है

19:44जैसे एक बार एक परिवार में

19:52एक माता पिता द और उनकी बेटी थी वह बेटी बड़ी

19:58हो गई थी सयानी हो गई थी उसकी शादी तय कर दी गई शादी होनी थी तो शादी तय कर दी गई

20:06मिक्स कर दिया गया यह जो आजकल

20:19लेकिन अचानक एक दिन क्या हुआ की लड़की के मैन का तबीयत खराब हुआ

20:27उसको लेकर लोग हॉस्पिटल में गए तो हस्बी रब गए तो डॉक्टर ने चेक किया है

20:33और कहा की बधाई हो आप मैन बनने वाली

20:43है लेकिन उसे मैन को बड़ा दुख हुआ है की भाई हमारी

20:49बेटी से रानी हो गई उसकी शादी तय कर दी गई दिन भी रख के लोग क्या कहेंगे इस बुढ़ापे

20:57में मैन बनने की शौक इसको चला

21:04की ऐसा करो की abashankar यह बात तो मैं नहीं करूंगा

21:14बेटी की शादी होगी वो घर ए गई लेकिन बड़ी दुखी थी

21:24ना खाना अच्छा लगता है ना सोना अच्छा लगता है ना किसी बोलती थी गुमसुम से पहले

21:31लड़की ने देखा की मैन की तो हालत ठीक नहीं है क्या हो गया तब उसने पूछा की मैन जिस

21:37दिन से तुम हॉस्पिटल से लौटी हो मैं देख रही हूं की ना तो तुम कुछ किस बात कर रही

21:43हो अच्छे से खाना खा रही हूं ना सो रही हूं क्या बात है तुमको पता

21:48है जाने दो और तो नहीं मैन बताना तो होगा की नहीं

21:58तब उसने धीरे से सारी बातें बता दी तो कहा की बस इतनी सी बात

22:05उसमें तुरंत फोन उठाया और जिसके साजिद तय हुई थी कहा की शादी

22:14अब वहां के लोग घबरा गए रे भाई अचानक ऐसा क्या हो गया की लड़की ने

22:21शादी कैंसिल कर दिया सारी तैयारी हो रही है

22:28तो घबराहट हो गई वो सब पूरा परिवार उसके माता पिता हल्का सौभाग्य क्या बात है

22:37उसने कहा धीरे से उसके पिताजी ने अपने संधि से अलग hijakar

22:44कहा की भाई ऐसी ऐसी बात हो गई है क्यों क्या कहेंगे

22:54और वो लड़का बड़ा खुश हुआ है कहा की

23:00इतनी संस्कारी लड़की कौन रही है की जब तक हमारा भाई 2 साल का

23:06नहीं होगा मैं शादी नहीं करूंगी यह तो बड़ी लक्ष्मी है भाई

23:12तब लड़के ने कहा की 2 साल अरे 10 साल भी कहूं की तो मैं इंतजार करूंगा लेकिन शादी

23:18तो तुम ही से करूंगा ऐसी लड़की कहां मिलेगी जो अपने परिवार के लिए अपनी मैन के लिए

23:24ऐसा व्रत ले लिया की मैं 2 साल तक नहीं करूंगा

23:30तो ऐसे भी मैन है ऐसे भी बहाने हैं

23:35जो अपना कल्याण के साथ साथ अपना को दुखी करके भी दूसरे का कल्याण करती है और इस

23:43पाप से बचती है दूसरा हम

23:50एक श्रृंगार की हत्या करते हैं

23:56और हम उसकी हत्या

24:02शरारत की रक्षा करना यह बताया

24:10द

24:20एक बड़ा राजकुमार बड़ा ही दयालु था और शिकार खेलता रहता था

24:27एक बार उसने कबूतर को मार दिया कबूतर

24:33उसके बड़े भाई के गोद में लिया बड़े भाई बड़ा दयालु द उन्होंने उसको पानी

24:41पिलाया दावा वगैरा लगाया दो दिन तक उन्होंने उसकी सेवा की कबूतर ठीक हो गया

24:49तब छोटे राज सुनने राजा से कहा की देखिए एक कबूतर पर हमारा अधिकार है क्योंकि हमने

24:56इसका शिकार किया है वह हमारा शिकार है और भैया नहीं दे रहे हैं का रहे हैं की भाई हमने बचाया है इस पर हमारा अधिकार है हम

25:03तुमको नहीं देंगे तो बात राजा के पास गई तो राजा नहीं है निर्णय दिया की देखो मरने वाले से ज्यादा

25:11हक बचाने वाले का होता है इसलिए कबूतर

25:16रह जाता है अगर हम हमारी शरण में कोई ए जाता है तो हम अपने सामर्थ्य अनुसार उसकी रक्षा करेंगे

25:23मदद करेंगे तो यह पुरी होगा और इसके विपरीत रक्षा नहीं किया और उनको मार दिया

25:31उसको चोट पहुंचा दिया हनी कर दिया

25:39तीसरा वह बच्चा

25:45मेहमान है अतिथि है शरारत है और वो दिन है

25:51उसका कोई सहायता करने वाला है उसकी एक मैन है वो भी उसके भी दोगे

26:03कहा गया है की भूत का पुत्र हो सकता है लेकिन माता

26:09कुमाता नहीं हो सकता ये का प्रभाव ऊंट kapooton का या सपूत तू जन्म लेने के

26:16बाद में पता चलेगा लेकिन माता पहले ही हो गया

26:23तुम शरारत दिन रक्षा करो

26:30मुझे बचाओ लेकिन जब रक्षक ही रक्षक बन जाए उसका क्या

26:37होगा

26:45[संगीत] दूसरा भगवान क्योंकि वो दुख घटा सुख करता

26:51है रोते हुए को हंसा कर भेजता है उसका इलाज करके उसे रूप मुक्त करता है उसके दुख

26:58को हरण करता है

27:06वह हॉस्पिटल जो जीवन दैनिक है जाती है जहां रोगी मनुष्य दुखी अशांत लोग जाकर के

27:14वहां अपने स्वास्थ्य लाभ करते हैं सुखी बनकर निकलते हैं वह हॉस्पिटल bhuchadkhana

27:21बन जाता है काटा जाता है तो इस तरह

27:28क्या हुआ एक दिन की हमने हत्या किया अरे

27:33इतना ही हत्या का शौक है तो किसी का जाकर हम करके देती

27:55हैं इनसे हमारा ब्लड रिलेशन है

28:01और उनका स्वागत करते हैं उनका मदद करते हैं और यहां अपने ही उनकी हत्या हम कर

28:08देते हैं [संगीत]

28:14है तो इस तरह से एक की हत्या माना हमने 4 की हत्या कर दिया

28:20कहां गया कहां गया करूं जैसे

28:26एक बार एक शेरनी थी भूखी थी

28:32शिकार के लिए निकली उसको पकड़ लिया भाई हैवन तो ऐसे ही कमजोर

28:38होती है

28:43पकड़ लिया तो हीरोइन ने उससे अनुरोध किया की देखो हमारे दो बच्चे हैं हमको जाने दो

28:53मैं इनको दूध पिलाकर के तुम्हारे पास ए जाऊंगी यह मेरा वादा है लेकिन अभी मुझे

29:00तुम जाने मैन की प्रतिज्ञा है की मैं अपने बच्चों

29:09को दूध पिलाकर के जरूर तुम्हारे पास आए और दूसरा निवेदन किया की देखो जो मैं आऊं

29:20तो मेरे पूरे शरीर के मांस को तुम खा जाना मुझे कोई एतराज नहीं लेकिन मैंने स्तन को

29:27मत खाना क्योंकि मैं मरते हुए भी अपने स्तन को बच्चों के मुंह में देखना चाहती

29:33यह उसकी अमानत है उन बच्चों का है यह बात शेरनी में सुनी

29:41उसको दया ए गई क्योंकि वो भी एक थी दायर ए गई उसको उसके कारण kramdan को उसके

29:49बच्चों को स्मृति में लाकर के इसकी इंतजार कर रहे होंगे मैं इसको मार दूंगी वो अपने

29:56मैन को ढूंढ ही नहीं कहा बिल्कुल और उसने छोड़

30:02दिया की जाओ अपने बच्चों को दूध पिलाओ मैं

30:08तुम्हारी हत्या नहीं करूंगी

30:16हम मनुष्य बुद्धिजीवी कहे जाते हैं समझदार का जाते हैं सामाजिक

30:24[संगीत]

30:31शिकारी भी जो जंतु है वह दूसरे के बच्चों को मार देंगे खा लेंगे अपने बच्चों को

30:37सुना की अपने बच्चों को कोई मारा दूसरे को मरेगा और हम मनुष्य

30:43अपने बच्चों के खुद हत्यारा बन जाते हैं एक बात कसाई बन जाता है माता हत्यारिन

30:50बनती है और एक डॉक्टर जो जीवन देने वाला होता है वो

30:57क्या बन जाता है रक्षा बन जाता है है तो इस तरह

31:04से वह जब ऑपरेशन होता है तो उसमें डॉक्टर जो औजार उसे करते हैं

31:11समान उसे करते हैं कैंची है या उसमें चाकू है वो ये नहीं

31:19जानते की हमारा द्वारा किसी फल को काटा जा रहा है सब्जियां कटी जा रही हैं या किसी

31:25जीव के अंग केट जा रहे हैं वो एन जाने नहीं जानते हो तो काटेंगे लेकिन काटने

31:31वाला जब उसको अनुभव नहीं है एक-एक अंक को काटा जाता है बच्चा chhatpatata है रोता

31:38है चिल्लाता है मैन मुझे बचाओ मैन मुझे बचाओ अरे मुझे जनन को लेने दो मैन

31:46को काटकर डॉक्टर निकलता है नदी के माध्यम से और वो बच्चा छोटी सी जगह में इधर उधर

31:52बेचन होता है क्या करें

31:59उसे समय फिर डॉक्टर कितना नीर रही है वह माता पिता

32:04कितने मिल रही हैं उसे एक-एक अंक को काटकर बाहर निकल देते हैं और उसकी हत्या

32:11एक-एक कितना कष्ट होता होगा उसको हमारे अंगुली में कांता चुपचाप कितना कसुता है

32:16अंगुली कट जाए कितना कष्ट होता है और जिसके यकीन अंगों को काट करने का लाया जा

32:21रहा है कष्ट होगा इससे बड़ा महापौर और क्या हो

32:26सकता है इतना बड़ा पाप देवेंद्र करते हैं

32:32और बहुत सारे लोग आजकल का फैशन है जाकर

32:37हॉस्पिटल में चेक कर लेते हैं गर्मी बेटा है या बेटी है अगर बेटा

32:46[संगीत]

32:51[संगीत] नहीं है तो दादी कहां से आएगी

32:58जो पोते को लोरी सुनाएगी कहानियां सुनाएगी मौसी कहां से आएगी वहां कहां से आएगी बुआ

33:04कहां से आएगी चाची कहां से आएगी एक बेटी है तभी सारे रिश्ते हैं जो करुणा मरीज

33:12रिश्ते हैं जो बच्चों को खिलाते हैं भरते हैं और पालना देते हैं

33:18दूसरी बात बहुत सारी माताएं हैं जो प्यार से बेटी को

33:25बेटा कहते बुलाती है बेटा इधर आओ कहती है यहां लेकिन कोई भी माता प्यार से बेटे को

33:34बेटी का नहीं बुलाया उसका कारण क्या है उसका कारण यह है

33:40की जहां हमको बेटे की आवश्यकता होती है बेटी बेटा बनकर खड़ी हो जाती है

33:48लेकिन जहां हमको बेटी की आवश्यकता होती है कोई बेटा वहां बेटी बनकर खड़ा नहीं होता

33:55इसीलिए बेटी का कर्ज सर वो परी है

34:01क्यों क्योंकि हम जिस बेटी की हत्या करते

34:06हैं बेटे के लिए यह जरूरी नहीं की बेटा जन्म लेकर परमहंस

34:12ही बनेगा वो बेटा कम ही बन सकता है और वो बेटी

34:19एक प्रधानमंत्री बन सकती है एक राष्ट्रपति बन सकती है वैज्ञानिक बन सकती है

34:25सर्वश्रेष्ठ डॉक्टर बन सकती है इंजीनियर बन सकती है पायलट बन सकती है फाइटर प्लेन उदा रही है

34:33आजकल की वो विद्वान साध्वी बन सकती है vidyutma बन सकती है

34:39तो हमने एक बेटी की हत्या किया मैंने इतने लोगों के हत्या किया

34:44समझते हैं सारे लोगों का जो बन सकती है उसका पाप

34:53हमारे सर पर चढ़ गया क्या

34:59मिलेगा अगले 7 जन्म तक ऐसी माता पीताओं को

35:07संतान का मुख देखने को नहीं मिलता है

35:22कैसे होगा आपने पिछले जन्म में ऐसा जगन्नाथ कर दिया

35:34यह है महापाप जैसे

35:40एक बार एक परिवार में माता पिता द दो ही द

35:46उनको जब बच्चा पैदा होने को हुआ तो उन्होंने भी चेक कर लिया पता चला की

35:53बेटी मारो इसको मार दिया कुछ दिनों के बाद

35:59बेटा पैदा हुआ

36:06के बाद उसे पिता का एक्सीडेंट हो गया अब बच गया ओ बेटा और मैन

36:14मैन तुम्हारी बेटी का पालना करेगी ही करेगी पालना करने लगी उसके पास था ही क्या जो

36:22इनकम का स्रोत था वह तो चला गया

36:31खाना बना दी और अपना बच्चे का पेट भरने लगी बचा बड़ा हुआ इसको स्कूल में दाखिल

36:39कराया और प्राण किया की मैं कुछ भी करूंगी लेकिन अपने बेटे को डॉक्टर बनाऊंगा

36:50[संगीत]

36:58ताकि हम धनी बढ़े अरे खाने के अलावा पढ़ में भी तो खर्चा था इतनी मेहनत करने लगी

37:05धीरे धीरे बचा-बड़ा हो गया अब उसका समय ए गया की अप शहर में जाकर

37:11डॉक्टरी पढ़े हैं उसके पास इतना पैसा पढ़ने में तो बहुत खर्चा लगता है

37:19उसने देखिए माता को गानों से बड़ा प्रेम होता है लेकिन गानों से ज्यादा अपने संतान से

37:26प्रेम होता है उसने कहा बेच दिया उसने घर को बेच दिया और उसे दैनिक जमीन में

37:35थोड़ी सी जमीन थी लगाकर रहने लगे और सारा धन बच्चे को दिया बेटा ये लोग जब तुम पढ़

37:42करो और एक दिन की बहुत बड़ा डॉक्टर

37:49बनकर दिखाना है वो बेटा चला गया

37:55किसी तरह से इस घर उसे घर का कम करती बर्तन में अंतर मंज कर के अपना भजन करती

38:03कमेटी बेटा शहर में चला गया बहुत दिन बीट गए

38:10चिट्ठी नहीं मिला

38:16हो तो तब बन गया होगा लेकिन कोई सूचना नहीं मिली क्या करें

38:24तो एक दिन क्या हुआ वह बीमार पद गई

38:30बीमार पड़ी तो गांव के लोग तो भाई शहर की तो बात नहीं गांव के लोग तो सहयोगी होते

38:35हैं सहयोगी भावना होती है गांव के लोग कठे हुए और कहे की भाई एक कम करो तुम्हारा

38:42बेटा डॉक्टर बन गया बहुत बड़ा डॉक्टर बना है कहां की मुझे तो नहीं मालूम अरे तुमको

38:49नहीं मालूम शहर में सबसे बड़ा डॉक्टर लोग याद तो बहुत

38:56बड़ा हफ्ता बना लिया तुम्हारा बेटा है डॉक्टर अच्छा है

39:04कुछ भी पैसे नहीं है कोई बात नहीं

39:10पूरे गांव के लोगों ने चंदा इकट्ठा किया और कहा हीरो पैसे

39:16या वो ट्रेन से कहा की जाऊं ट्रेन से पहुंचती जाऊंगी लेकिन मैं उसे तक

39:21pahunchungi कैसे भाई इसमें चिंता मत करो

39:26वो इतना बड़ा डॉक्टर बन गया है की पूरे शहर का बच्चा बच्चा जानता है इसलिए सैन से

39:32उतरना और किसी भी रिक्शे वाले से का दो

39:38ठीक है तैयार हो गई ट्रेन से उतरी तो बाहर निकली तो रिक्शे

39:45वाले द कहा की भैया नाम तो जानती थी

39:56पास पहुंचा दो

40:04मैन चली गई हॉस्पिटल [संगीत]

40:18नहीं लिखी अच्छा कोई बात नहीं

40:23उसने किराया देने के लिए पैसे निकल रहा है क्या कर लेंगे

40:42बेटे मेरी तबीयत ठीक नहीं है गांव के लोगों ने कहा की तुम्हारा बेटा बहुत बड़ा

40:48डॉक्टर है या उसे इलाज करो इसलिए मैं ए गई कोई बात नहीं करूंगा

40:56तभी एक डॉक्टर

41:11[संगीत]

41:23की मैन अब तुम बिल्कुल ठीक हो गई हो स्वस्थ क्यों हो गई

41:29तुम गांव जा सकती हो

41:35मुझे तो मीठा के बेटा बहुत दिन के बाद मिला है तो का रहा की मैन तुम क्या जाओगी

41:41गांव यहीं रह जाऊं साथ हम लोग ये उम्मीद था

41:48ठीक है कोई बात नहीं तो उसने सोचा की भाई रणनीति बात नहीं कर रहा

41:56है क्या करें जाने के लिए तैयार हो गई

42:04[संगीत] अब उसको लगा के हो सकता है कुछ रह के खर्च के लिए पैसे देगा

42:16गुरु की मूली तो उसने जेब में हाथ दल उम्मीद थी की कुछ रुपए निकलेगा की मैन लो

42:25तो उसने रुपए तो नहीं निकले पर्ची निकाला एक लिस्ट निकाला और कहा की मैन

42:33यह बिल है हॉस्पिटल का खर्चा बीट का खर्चा डॉक्टर नीतीश दवाइयां की खर्चा

42:45[संगीत]

42:51बेटा मैंने तुमको 9 महीने पेट में रखा उसका

42:58किराया दो मैंने तुमको आंचल का दूध पीला करके बड़ा किया उसका किराया दो

43:06सा इतना बड़ा किया डॉक्टर बनाया उसका

43:11किराया लेकिन माने एक शब्द नहीं कहा और

43:16कहीं भी ठीक है बेटा मैं दूंगी

43:2110000 फीस बनते हैं तुम्हारे में दूंगी और तुमसे वादा करती हूं की बिना तुम्हारा

43:28भुगतान किए शरीर नहीं करूंगी कुछ भी करूंगी लेकिन तुम्हारा

43:35हिसाब मैं करके ही मारूंगी इतना तो विश्वास है ना तुम को

43:40अभी तू मेरे पास ₹10000 नहीं है लेकिन मैं वादा करती हूं की तू मैं तुमको मैं

43:47और वहां से चली गई ऐसा बेटा [संगीत]

43:53अफसोस हुआ की अगर हमने अपनी बेटी को नहीं मारा होता आज हमको

43:59यह दिन नहीं देखना पड़ता इस बेटे ने इस बेटे के लिए अपने बेटी घर

44:06में हत्या कर दिया [संगीत]

44:13[संगीत]

44:18आजकल के लोग ऐसा महापाप कर देते हैं

44:24इसलिए मुझे पूरे विश्व के सारी माता से

44:30निवेदन है की ही माता आप जगत जननी है अब ममता महिमा

44:38इसलिए आप अपने गरिमा को बनाए रखें और ऐसा महापाप करके ममता पर कलम

44:47kankit ना होने इसलिए कहा की खुले चो के लिए अब तक

44:56खुले चो के लिए अब तक बुझ गए होते

45:05तो है जो हवाओं उतरता है ओम शांति

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